पाकिस्तान सीमा पर सीज फायर उल्लंघन व घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं और पूर्वी लद्दाख में बीते कई महीनों से जारी गतिरोध के बीच वायुसेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने भारतीय सेनाओं को खतरों के प्रति आगाह किया है। एयर चीफ ने कहा कि सशस्त्र बलों को आने वाले समय में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
शनिवार को पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान भदौरिया ने कहा कि अप्रत्याशित सुरक्षा परिदृश्यों के साथ आज का युद्धस्थल अत्यधिक जटिल और बहुआयामी है और कई मोर्चों से आने वाले हाइब्रिड खतरों से निपटने के लिए हमारी सेनाओं को तैयार रहना होगा। सभी स्तर पर हर समय काफी अधिक ज्ञान, समर्पण, प्रतिबद्धता और त्याग की जरूरत है, जिसके लिए देश उम्मीद रखता है। एयर चीफ ने देश में उच्च रक्षा सुधारों के सबसे ऐतिहासिक चरण की शुरुआत के रूप में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) के प्रमुख के पद के सृजन की प्रशंसा की और इसे क्रांतिकारी कदम बताया सीडीएस की नियुक्ति और डीएमए का गठन हमारे देश में सुरक्षा क्रांति का ऐतिहासिक ऐतिहासिक चरण है।
भदौरिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) पाठ्यक्रम की 139वीं पासिंग आउट परेड की समीक्षा के बाद कैडेटों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एनडीए सिर्फ नेतृत्व की पालना नहीं है, बल्कि संयुक्त कौशल का एक सच्चा पालना है। एनडीए में संयुक्त प्रशिक्षण के अनुभव को संबंधित अकादमियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।