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ब्रह्मोस के सुखोई में तैनात होते ही बढ़ जाएगी वायुसेना की ताकत

Wed, 05 Oct 2016 01:51 PM IST
शशिधर पाठक
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Air Chief Marshal
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वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल अरुप राहा भारत और रूस के सहयोग से तैयार सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर काफी उत्साहित हैं। एयरचीफ मार्शल ने इसके हाल में हुए परीक्षण को पूरी तरह सफल बताया और कहा कि अगले तीन महीने में इसके लाइव फायरिंग टेस्ट को भी पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस के सुखोई में तैनात होने वाले संस्करण को लेकर वायुसेना लगातार हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और ब्रह्मोस कॉम्पलेक्स के वैज्ञानिकों के संपर्क में है।
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२५ जून 2016 को ब्रह्मोस सुपर सोनिक मिसाइल के हवा से जमीन पर मार करने वाले संस्करण का सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट पर डेमो परीक्षण हुआ था। डेमो परीक्षण काफी सफल रहा है। एयरचीफ मार्शल अरुप राहा के अनुसार अब इसके लाइव फायरिंग परीक्षण की तैयारी हो रही है। वायुसेनाध्यक्ष के अनुसार अगले तीन महीने में इसके लाइव फायरिंग परीक्षण को किए जाने की योजना है।  माना जा रहा है कि लाइव परीक्षण के लिए वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमान से ब्रह्मोस मिसाइल को पोखरण क्षेत्र में दागा जाएगा। इस तरह के कुछ परीक्षणों के सफल होने के बाद इसको वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

एक सुखोई में एक ब्रह्मोस

Brahmos
सुखोई-30 एमकेआई ब्रह्मोस मिसाइल संस्करण के वायुसेना में शामिल होने के बाद वायुसेना की ताकत बढ़ जाएगी। सुपरसोनिक स्पीड से परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम यह मिसाइल पलक झपकते ही 290 किमी दूर दुश्मन के ठिकाने को तहस-नहस कर देगी।

मिसाइल का भार करीब 2.5 टन है, इसलिए एक सुखोई लड़ाकू विमान में केवल एक ही ब्रह्मोस को तैनात किया जा सकता है। हालांकि भारत और रूस मिलकर मिनी ब्रह्मोस संस्करण को भी विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं। इसके विकसित होने के बाद एक सुखओई में तीन ब्रह्मोस की तैनाती संभव हो सकेगी।
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रूस से आगे परियोजना पर होगी चर्चा

Brahmos
ब्रह्मोस कॉम्पलेक्स सूत्रों के अनुसार भारत और रूस के बीच ब्रह्मोस के आगे के संस्करणों को विकसित करने प्रक्रिया चल रही है। ब्ररह्मोस मिसाइल के एयर-टू-एयर, मिनी ब्रह्मोस, हाइपरसोनिक समेत अन्य संस्करणों  में तेजी लाने के लिए दोनों देश गंभीर हैं। सूत्र बताते हैं ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के आ रहे रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विपक्षीय वार्ता में भी ब्रह्मोस का मुद्दा शामिल रहेगा। इसमें ब्रह्मोस मिसाइल के मित्र देशों को निर्यात किए जाने पर भी सहमति बनने के आसार हैं।
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