फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड व जमीयत उलेमा ए हिंद दायर करेगा पुनर्विचार याचिका

Wed, 27 Nov 2019 10:42 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय के खिलाफ दिसंबर के पहले सप्ताह में पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।

विज्ञापन


बोर्ड के सचिव और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के पुनर्विचार याचिका दायर करने से बोर्ड पर कोई विपरीत कानूनी प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम संगठन पुनर्विचार याचिका दायर करने को लेकर एक राय रखते हैं।

 


वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को पुनर्विचार याचिका न डालने का फैसला लिया। बैठक में बोर्ड के सात में से छह सदस्यों ने याचिका न दाखिल करने पर सहमति जताई जबकि सिर्फ एक सदस्य अब्दुल रज्जाक खान चाहते थे कि पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेंगे। हर किसी के अपने विचार होते हैं। हम उनके फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

विज्ञापन


जिलानी ने कहा कि मुस्लिम समाज आज भी पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है। जो भी पुनर्विचार याचिका का विरोध कर रहे हैं वो किसी एक शहर में जाकर मुसलमानों का जलसा बुलाएं और उनकी राय जानें। पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुसलमानों की राय को देखते हुए पुनर्विचार याचिका डालने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि पुनर्विचार याचिका का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हम दिसंबर के पहले सप्ताह में याचिका दाखिल करेंगे।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी करेगा याचिका दाखिल 

वहीं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अगले कुछ दिनों के भीतर पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में है। मौलाना अरशद मदनी की अगुवाई वाले जमीयत की ओर से जारी बयान के मुताबिक याचिका का मसौदा तैयार हो गया है। मदनी ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दाखिल करके उनका इरादा देश में सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने का बिल्कुल नहीं है। अदालत ने हमें जो हक दिया है पुनर्विचार विचार याचिका दाखिल करके, उस हक का हम इस्तेमाल कर रहे हैं। 

विज्ञापन



 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें