हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान-अमेरिका युद्ध विराम में भारत सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक पड़ोसी नाकाम राष्ट्र ने जो भूमिका निभाई, वह भूमिका हमें निभानी चाहिए। उन्होंने सरकार से लेबनान में जंग रोकने के लिए भूमिका निभाने का आग्रह किया। एआईएमआईएम नेता ने क्या-क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम पर बनी सहमति पर एआईएमएआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विदेश नीति व आंतरिक सुरक्षा का मुद्दा कोई तीन घंटे का मजाक नहीं है। इसे हल्के में लेना सही नहीं है। उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह एक विफल राष्ट्र है। उसने जो भूमिका निभाई, वह भूमिका हमें निभानी चाहिए थी।
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा कोई तीन घंटे का मजाक नहीं है। अगर कोई इसे ऐसे ही हल्के में ले रहा है, तो यह ठीक नहीं है। हमारा पड़ोसी मुल्क जो एक विफल राष्ट्र है, वह जो भूमिका निभा रहा है, वह हमें निभानी चाहिए थी। ठीक है.. युद्ध विराम हुआ। मासूम लोगों की मौतें कम होंगी। मगर अभी भी वक्त है। हम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से कहेंगे कि आप लेबनान में जंगबंदी कराइए। खुलकर बोलना चाहिए कि लेबनान में इस्राइल जो कर रहा है, वह गलत है। उसने लेबनान के 20 फीसदी भूभाग पर कब्जा कर लिया है। अगर हम इस खामोश रहेंगे, हम अक्साई चिन और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को कैसे वापस लेंगे? इस पर विचार करने की जरूरत है।
युद्ध विराम पर सहमति
अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो हफ्ते के अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति बन गई। यह समझौता ऐसे समय में हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को तबाह करने की धमकी देते रहे। ट्रंप ने तीन दिन पहले ही धमकी दी थी कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला और अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचा तो इसका अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि 7 अप्रैल के रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल सुबह 5.30 बजे) तक युद्ध शुरू हो सकता है और अमेरिका संघर्ष में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों को निशाना बनाएगा।
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हालांकि, युद्ध विराम के एलान के कुछ ही घंटों बाद ईरान के लावन द्वीप में तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। ईरान ने भी जवाब में कुवैत में ऊर्जा ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा कि वह ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों का गोलीबारी से जवाब दे रहा है। एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।