एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को एआईएमपीएलबी की बैठक के बारे में जानकारी दी, जो वक्फ कानून के विरोध में 19 अप्रैल को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। इस दौरान मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर ओवैसी ने कहा कि वह बंगाल सरकार के प्रवक्ता नहीं है। उन्होंने हमेशा हिंदा की निंदा की है।
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) हैदराबाद में वक्फ कानून के खिलाफ 19 अप्रैल को विरोध सभा आयोजित करेगा। इस दौरान मुर्शिदाबाद हिंसा के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि मैं बंगाल सरकार का प्रवक्ता नहीं हूं। हमने हमेशा हिंसा की निंदा की है और ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने चाहिए। किसी भी तरह की हिंसा निंदनीय है।
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एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी ने रविवार को हैदराबाद में संवाददाताओं से बात की। इस दौरान उन्होंने एआईएमपीएलबी की विरोध सभा के आयोजन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक एआईएमपीएलबी अध्यक्ष खालिद सैफुल्लाह रहमानी के नेतृत्व में दारुस्सलाम (एआईएमआईएम मुख्यालय) में आयोजित की जाएगी। यह बैठक तीन घंटे की होगी, जिसका समय शाम सात बजे से रात 10 बजे तक रहेगा।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सदस्य बताएंगे कानून कैसे वक्फ के पक्ष में नहीं
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने आगे कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सदस्य और दोनों राज्यों के अन्य मुस्लिम संगठन इस विरोध सभा में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि वह लोगों को बताएंगे कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम कैसे वक्फ के पक्ष में नहीं है।
संसद की वक्फ समिति के सदस्य भी बैठक में हो सकते हैं शामिल
ओवैसी ने कहा कि वे संसद की वक्फ समिति के सदस्यों से भी बात करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि वह अपने व्यस्त समय में से वक्त निकालकर कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति देते हैं, तो वह भी इस सार्वजनिक बैठक में शामिल हो सकते हैं।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आठ अप्रैल को लागू किया गया कानून
बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा में मैराथन मंथन के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पांच अप्रैल की रात को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी। इस कानून को सरकार ने आठ अप्रैल को अधिसूचना जारी कर लागू कर दिया।