एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन), सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) और एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) को लेकर लंबे वक्त से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सरकार के विरोधी दल भी इसे मुद्दा बनाकर राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं।
एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन), सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) और एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) को लेकर लंबे वक्त से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। सरकार के विरोधी दल भी इसे मुद्दा बनाकर राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। इसी कड़ी में अब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फिर एनपीआर को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। ओवैसी ने इस पर तुंरत रोक लगाने की बात कही है।
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सोमवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव से अनुरोध करता हूं कि वे एनपीआर नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर पर रोक लगाएं, जैसा कि केरल ने किया था। असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि एनपीआर का जनगणना और सामाजिक कल्याण योजनाओं से कोई संबंध नहीं है। यह विशुद्ध रूप से भविष्य में NRC को लागू करने की एक कवायद है।
जामिया मामले में दिल्ली पुलिस के खिलाफ दर्ज होनी चाहिए एफआईआर
जामिया मामले में असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने झूठ कहा कि वो जामिया के अंदर नहीं घुसी। बल्कि दिल्ली पुलिस जामिया के अंदर घुसी और एक बच्ची की आंख को ज़ख्मी किया। वीडियो से पता चलता है कि बच्चे बाहर निकलना चाहते थे लेकिन पुलिस पीछे से बच्चों को मार रही थी।