Asaduddin Owaisi: 'अगर लव जिहाद हो रहा है तो संसद में चर्चा क्यों नहीं करते?' RSS प्रमुख के बयान पर ओवैसी बोले
Sun, 04 Jan 2026 08:08 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती (महाराष्ट्र)
सार
Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर कोई बालिग अपनी मर्जी से फैसला ले रहा है, तो उनकी पसंद-नापसंद का कोई महत्व नहीं है और कानून इसकी अनुमति देता है। उन्होंने यह बयान आरएसएस प्रमुख भागवत की लव जिहाद वाली टिप्पणी पर दिया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर एआईएमआईएम सांसद ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, अगर कोई बालिग अपनी खुद की इच्छा से फैसला ले रहा है, तो हमारी पसंद-नापसंद का कोई मतलब नहीं है। कानून इसकी इजाजत देता है।
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उन्होंने कहा, अगर लव जिहाद हो रहा है तो आप संसद में तारीख क्यों नहीं देते? 11 साल का तो रिकॉर्ड दो। आप जितने राज्यों में हैं, उनमें लव जिहाद का रिकॉर्ड दे दो। उन्हें यह परिभाषित करना चाहिए कि लव जिहाद क्या है। आप संसद में तो उस पर कुछ कहना नहीं चाहते। अगर परिभाषित करेंगे तो अंतरधार्मिक विवाह करने वाले भाजपा के नेताओं को क्या बोलेंगे। मैं उनके निजी जीवन पर टिप्पणी नहीं कर रहा। लेकिन उनको क्या बोलेंगे आप। इस देश नौजवान पीढ़ी को नौकरी की जरूरत है, आप उनको इधर लेकर जा रहे हो।
आरएसएस प्रमुख ने लव-जिहाद क्या कहा था?
भागवत ने शनिवार को भोपाल में आयोजित स्त्री शक्ति संवाद कार्यक्रम में लव जिहाद पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिवार के भीतर संवाद मजबूत करने की जरूरत है। आरएसएस प्रमुख ने कहा, परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत और आपसी संवाद की कमी होने के चलते इस तरह की समस्या होती है। उन्होंने कहा, हमें ध्यान में रखना चाहिए कि हमारी बेटी किसी अजनबी द्वारा कैसे बहकाई जा सकती है। जब परिवार में नियमित संवाद होता है, तो धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान स्वाभाविक रूस से विकसित हो जाता है।
उन्होंने कथित लव जिहाद को रोकने के उपाय बताते हुए कहा था कि परिवार में निरंतर संवाद, लड़कियों में सतर्कता और आत्मरक्षा की भावना पैदा करने से ऐसी घटनाएं पर अंकुश लगेगा। सामाजिक संगठनों को ऐसी गतिविधियों के प्रति सजग रहना चाहिए और समाज को सामूहिक प्रतिरोध में उठ खड़ा होना चाहिए, तभी समाधान निकलेगा।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों पर ओवैसी ने कहा, अगर कहीं पर डराकर-धमकाकर, पैंसों से खरीदकर निर्विरोध चुनाव हो रहा है, तो यह निश्चित तौर पर हमारी लोकशाही के लिए खतरे की घंटी है।