डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (फाइल फोटो)
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों ने शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद शहर के सिविल अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बातचीत की। शहर की कोविड-19 मृत्यु दर 6.5 प्रतिशत है। यह देश की मृत्यु दर 3.3 की तुलना में दोगुनी है।
अहमदाबाद में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा, 'कोविड-19 से अब भी एक कलंक जुड़ा हुआ है। बहुत से लोग अस्पताल आने और टेस्ट कराने से डरते हैं। इसके कारण यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है और अस्पताल में उसे भर्ती कराने में देरी होती है तो यह मृत्यु दर को बढ़ाता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'बुजुर्ग लोग या पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों के कोविड-19 के गंभीर संक्रमण में होने का बहुत ज्यादा खतरा रहता है। यदि आपके घर में बुजुर्ग लोग हैं तो आपको ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। हल्के लक्षण दिखाई देने के तुरंत बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं।'
एक अधिकारी ने बताया कि एम्स के निदेशक और पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. रणदीप गुलेरिया और मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष सोनेजा शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से गुजरात के लिए रवाना हुए थे। दोनों ने सिविल अस्पताल का दौरा किया और उन डॉक्टरों, कर्मचारियों से मुलाकात की जो कोविड-19 रोगियों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने उनका मार्गदर्शन किया।
अधिकारी ने कहा था कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने एम्स निदेशक गुलेरिया और डॉ. मनीष को शनिवार को गुजरात भेजने का फैसला लिया है। जिससे कि राज्य में कोरोना मरीजों की मृत्यु दर को कम किया जा सके। राज्य के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने अस्पताल में फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ के साथ बातचीत की। जहां शहर के सबसे ज्यादा कोविड-19 मरीज हैं।