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AIIA: अब अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में मरीजों को नहीं लगना होगा लाइन में, शुरू हुई है नई व्यवस्था

Sun, 23 Jun 2024 02:30 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रो. तनूजा नेसारी ने बताया कि ROOJH एप के माध्यम से मरीजों को यह सुविधा देनी शुरू की गई है। वह कहती हैं कि इस एप में अपना लॉगिन आईडी बनाकर मरीज ओपीडी के कार्ड बनवाने के लिए जनरेट होने वाले नंबर से लेकर अपॉइंटमेंट और अपने पूरे क्लीनिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रख सकेगा।
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APP - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में अब ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए अपना कार्ड बनवाने से लेकर इलाज कराने में लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। दरअसल संस्थान ने मरीजों को लंबी लाइन से छुटकारा दिलाने के लिए एक एप लॉन्च किया है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद मरीज ओपीडी के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट नंबर खुद जनरेट कर सकेगा। इसके आधार पर ओपीडी में मरीजों को अपॉइंटमेंट भी मिलेगा और इलाज भी शुरू हो जाएगा।

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संस्थान की निदेशक प्रो. तनूजा नेसारी ने बताया कि ROOJH एप के माध्यम से मरीजों को यह सुविधा देनी शुरू की गई है। वह कहती हैं कि इस एप में अपना लॉगिन आईडी बनाकर मरीज ओपीडी के कार्ड बनवाने के लिए जनरेट होने वाले नंबर से लेकर अपॉइंटमेंट और अपने पूरे क्लीनिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रख सकेगा। संस्थान में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और बेवजह की लाइन में लगने से छुटकारा दिलाने के नजरिए से यह व्यवस्था की गई है। संस्थान की निदेशक प्रोफेसर तनूजा कहती हैं कि संस्थान में और भी कई सुविधाओं की शुरुआत की जा रही है। जबकि कई नई सुविधाओं की पहल हो चुकी है। 

संस्थान प्रशासन के मुताबिक इस एप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने के लिए एक टोकन नंबर मिलेगा। उस टोकन के नंबर के आधार पर मरीज अपना ओपीडी कार्ड बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। हालांकि यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए है, जो एप्लीकेशन के माध्यम से अपना इलाज करना चाहते हैं। बाकी सामान्य तौर पर पहले से चली आ रही प्रक्रिया के अनुरूप व्यवस्थाएं चलती रहेंगी। 
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संस्थान की निदेशक प्रोफेसर तनुजा बताती हैं, यहां पर रोजाना ढाई हजार मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कार्ड बनवाने से लेकर मरीज को डॉक्टर के पास दिखाने तक में अच्छा खासा समय लग जाता है। नई व्यवस्था के माध्यम से मरीजों का समय भी बचेगा और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होने से तय वक्त पर इलाज भी हो सकेगा।

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