कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में किस तरह की राजनीति करेगी? भाजपा के मुकाबले के लिए पार्टी की रणनीति क्या है? राज्यों से जुड़े सियासी मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी की लाइन कौन तय करेगा? ऐसे तमाम सवालों पर 84वें कांग्रेस अधिवेशन में मंथन हुआ।
कांग्रेस पार्टी के 84वें राष्ट्रीय अधिवेशन में संगठन की मजबूती, राज्यों से जुड़े मामलों के अलावा और राष्ट्रीय महत्व के राजनीतिक मुद्दों पर मंथन हुआ। अहमदाबाद में 64 साल बाद हुए इस आयोजन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केरल से निर्वाचित पार्टी सांसद शशि थरूर समेत कई दिग्गज शामिल हुए। इन नेताओं ने बताया कि आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक दिशा क्या होगी। खरगे ने पार्टी संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया और कार्यकर्ताओं से कहा, 'अगर आप सभी सहयोग करेंगे और कांग्रेस पार्टी के साथ बने रहेंगे, तो कांग्रेस निश्चित रूप से अगले गुजरात विधानसभा चुनावों में सरकार बनाएगी।'
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कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं, सेवा के लिए धन्यवाद
बता दें कि कांग्रेस आलाकमान 84वें अधिवेशन के जरिये खास संदेश देने का प्रयास कर रही है। अधिवेशन में खरगे के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर भी अहमदाबाद पहुंचे। थरूर ने अधिवेशन के दौरान कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा, 'कार्यकर्ताओं के बिना कांग्रेस पार्टी नहीं है... मैं आपकी सेवा के लिए आपको धन्यवाद देता हूं।'
केवल आलोचना करने वाली पार्टी बनकर न रहे कांग्रेस
थरूर ने जनता से जुड़ने की अहमियत को रेखांकित किया औऱ कहा, 'आइए हम अपने देश और पार्टी की अच्छी तरह से सेवा करते रहें... कांग्रेस को उम्मीद की पार्टी होना चाहिए, न कि नाराजगी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सकारात्मकता की पार्टी बनना है, न कि केवल नकारात्मकता की। हमें भविष्य की पार्टी बनना है, न कि केवल अतीत की बातें करने वाला राजनीतिक दल। थरूर ने कहा कि हमें केवल आलोचना करने वाली पार्टी बनकर नहीं रहना है। हमें सकारात्मक नैरेटिव बनाने होंगे।