फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AIADMK ने लिया बड़ा फैसला, वीके शशिकला को महासचिव पद से हटाया

Tue, 12 Sep 2017 12:37 PM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
विज्ञापन
वीके शशिकला
विज्ञापन
तमिलनाडु की राजनीति में चल रही उठा-पठक में मंगलवार को एक बड़ा मोड़ तब आ गया, जब एआईएडीएमके ने पार्टी महासचिव वीके शशिकला को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनसे पार्टी का महासचिव पद छीन लिया गया है। मुख्यमंत्री पलानीसामी की ओर से बुलाई गई पार्टी की जनरल काउंसिल बैठक में ये फैसला लिया गया।
विज्ञापन

  Temporary General Secy post stands forfeited. #Sasikala is expelled: RB Udaykumar,TN Min reads out resolution at #AiadmkGeneralCouncil pic.twitter.com/zQwsXJ2Cit — ANI (@ANI) September 12, 2017


ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी ने शशिकला के भतीजे और सांसद टीटीवी दिनाकरन को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

इससे पहले भी राज्य के सीएम पलानीसामी और डिप्टी सीएम पनीरसेल्वम ने कई बैठकें की थीं। माना जा रहा है कि यह बैठक दोनों को बाहर निकालने के लिए की गई थी। साथ ही पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि शशिकला और दिनाकरन द्वारा लिए गए सभी फैसले पार्टी में लागू नहीं होंगे। 
विज्ञापन

  All announcements of TTV Dinakaran are not binding on the party:RB Udaykumar,TN Min reads out resolution at #AiadmkGeneralCouncil — ANI (@ANI) September 12, 2017


वहीं दिनाकरन और उनके समर्थन में आए 14 विधायक लगातार फ्लोर टेस्ट की मांग कर रहे हैं। इस मसले पर उन्होंने गवर्नर से मुलाकात भी की थी।
  Most ministers(TN) fearing that they will lose elections,that is why they are accusing us of conniving with DMK: TTV Dinkaran on AIADMK meet — ANI (@ANI) September 12, 2017


बता दें कि शशिकला आय से अधिक संपत्ति के चलते जेल में हैं, जबकि दिनाकरन पर रिश्वत के आरोप के चलते सीबीआई की जांच का सामना करना पड़ रहा है। उन पर पार्टी के चिन्ह के लिए रिश्वत देने का आरोप लगा है। वहीं शशिकला के पति मल्टीपल ऑर्गन फेलर की वजह से आईसीयू में भर्ती हैं।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी शशिकला की याचिका

dinakarn
आय से अधिक संपत्ति मामले में चार साल की सजा काट रही वीके शशिकला की उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया जिसमें उनकी सजा पर विचार करने के लिए कहा गया था। बता दें कि शशिकला ने उच्चतम न्यायलय से भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें दोषी ठहराने और चार साल की कैद की सजा सुनाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

कोर्ट ने कहा कि यह एक आधारहीन याचिका है जिसपर कोर्ट सुनाए गए फैसले पर फिर से विचार नहीं कर सकती। बता दें कि इस मामले में शशिकला के अलावा उनके दो रिश्तेदारों, वीएन सुधाकरण और एलवरासी को भी दोषी माना और उन्हें भी चार साल की सजा सुनाई है। तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता भी इसी केस में आरोपी थीं। 

सीएम पनालीसामी का विरोध कर रहे टीटीवी दिनाकरन और उनके सपोर्टिंग विधायक गर्वनर से मिलने के लिए राज भवन पहुंचे थे और फ्लोर टेस्ट की मांग की थी। तमिलनाडु की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की राजनीति में विवाद के लिए हम बीजेपी को कुछ नहीं कह सकते हैं। हमारे अपनों ने ही हमें धोखा दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें