अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी (ईपीएस) ने बुधवार को पार्टी के उन विधायकों पर तीखा हमला बोला, जिन्होंने आंतरिक विभाजन की अटकलों के बीच फ्लोर टेस्ट के दौरान टीवीके का समर्थन किया था। उन पर टीवीके की ओर से मंत्री पदों का प्रलोभन दिए जाने का आरोप लगाया।
कानून का उल्लंघन बताया
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ईपीएस ने दल के विधायकों को सदन परीक्षण में सत्तारूढ़ सरकार का समर्थन करने की आलोचना की। इसे कानून का उल्लंघन बताया। ईपीएस ने दोहराया कि पार्टी के सचेतक कृष्णमूर्ति ने सख्त निर्देश दिए थे कि सभी पार्टी सदस्य फ्लोर टेस्ट में टीवीके सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे। पार्टी के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए विधायक सीवी शनमुगम गुट पर हमला करते हुए उन्होंने विधायकों पर एआईएडीएमके के राजनीतिक सिद्धांतों के साथ विश्वासघात और उल्लंघन का आरोप लगाया। विधानसभा में निर्णयों के संबंध में पार्टी व्हिप को सर्वोच्च प्राधिकारी मानते हुए ईपीएस ने कहा कि महासचिव के खिलाफ कोई और नहीं जा सकता।
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उन्होंने आगे कहा, 'पार्टी के महासचिव द्वारा नियुक्त व्हिप को ही विधानसभा के भीतर निर्णय लेने का अधिकार है। पार्टी में महासचिव ही निर्णायक होते हैं। संख्या या बहुमत की कोई बात नहीं होती। हमारे पार्टी कानून के अनुसार, महासचिव के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार किसी और के पास नहीं है। एआईएडीएमके और टीवीके के बीच तुलना करते हुए ईपीएस ने कहा कि जहां उनकी पार्टी ने बैठक बुलाकर विधायक दल के नेता, उपनेता और सचेतक का चुनाव किया। वहीं सत्तारूढ़ पार्टी ने कथित तौर पर विभिन्न दलों के सदस्यों से समर्थन के बदले में मंत्री पद देने का वादा किया।
विधायक प्रलोभन में आ गए-ईपीएस
जहां तक एआईएडीएमके का सवाल है। महासचिव ने पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई, जिसके बाद सभी विधायकों ने विधायक दल के नेता, उपनेता और सचेतक का चुनाव किया। हालांकि, कुछ सदस्यों को मंत्री पद और बोर्ड में नियुक्ति का लालच देकर इस सरकार का गठन किया गया। ईपीएस ने आरोप लगाया, 'अब उन्हीं सदस्यों ने मुख्यमंत्री द्वारा लाए गए प्रस्तावों का समर्थन किया है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाले विधायक प्रलोभन में आ गए और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना की।
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उन्होंने कहा, 'विधानसभा चुनाव में जीतने वाले एआईएडीएमके के 47 विधायक 'दो पत्ती' के चिन्ह पर निर्वाचित हुए थे। पार्टी के प्रति वफादार रहने के बजाय उन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है। मंत्री बनने की लालसा ने उन्हें पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के विरुद्ध कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। यह कानून और न्याय दोनों के विरुद्ध है।'
नोटिस भेजने की तैयारी
इस बीच, तमिलनाडु विधानसभा में विधायक सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके गुट द्वारा टीवीके सरकार को दिए गए समर्थन ने मौजूदा मतभेदों को और गहरा कर दिया है। वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि ने एआईएडीएमके पर 'डीएमके के विरोध में राजनीति करने का आरोप लगाया है> पार्टी महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने उन पार्टी विधायकों को नोटिस भेजने की तैयारी की है जिन्होंने उनकी इच्छा के विरुद्ध मतदान किया था। एआईएडीएमके पार्टी की आम सभा की बैठक में अन्य गुट के नेता, सीवी शनमुगम और एसपी वेलुमणि, नैतिक जिम्मेदारी के तौर पर ईपीएस के पार्टी महासचिव पद से इस्तीफा देने के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करेंगे।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान बोलते हुए एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि ने विधानसभा में कहा कि 'जनता का फैसला भगवान का फैसला है।' इस बात पर जोर दिया कि तमिलनाडु की जनता ने अपने वोटों के माध्यम से विजय को मुख्यमंत्री चुना है।