जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर भाजपा को एआईएडीएम से समर्थन मिलने की उम्मीद है जबकि डीएमके जून में एम करुणानिधि के 94वें जन्मदिन पर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए विपक्षी एकता बैठक की योजना बना रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा को सत्तारूढ़ पार्टी के दोनों गुटों से समर्थन मिलने की उम्मीद है।
तमिलनाडु के प्रत्येक निर्वाचित विधायक के वोट का मूल्य 176 है और ये लोकसभा और राज्य सभा के सभी निर्वाचित सदस्यों के लिए 708 है। बता दें कि एआईएडीएमके के 134 विधायक हैं। मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी के पास 122 वफादार विधायक हैं जबकि ओ पन्नीरसेल्वम को 12 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
सबसे ज्यादा 50 सांसद मुख्यमंत्री के पास हैं। डीएमके और उसके सहयोगियों के पास 97 विधायक और 4 सांसद हैं। प्रत्येक वामपंथी दलों के पास 1 सांसद है।
भाजपा दोनों गुटों को लुभा रही है। हाल के दिनों में, केंद्र ने पलानीसामी गुट को खुश करने के लिए राज्य की कुछ लंबित मांगों को मंजूरी दी थी। राजनीतिक जानकार ज्ञानी शंकरन का कहना है कि अन्नाद्रमुक के दोनों पक्ष भाजपा का समर्थन करेंगे।
इस बीच डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन और राज्यसभा सांसद कनिमोझी ने 3 जून को एक साथ बैठक करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पूरे देश के विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया है। इस बैठक में पार्टी का ध्यान आम सहमति से उम्मीदवार का चयन करने पर होगी।
गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 10 मई से शुरू होने वाले अपने निर्धारित तीन दिवसीय दौरे से तमिलनाडु यात्रा को हटा दिया है। भाजपा के राष्ट्रीव सचिव एच राजा ने कहा कि अगर उनका पार्टी एआईएडीएमके से समर्थन की मांग कर रही है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की कि क्या भाजपा पहले ही एआईएडीएमके तक पहुंच चुकी है। राजा ने कहा कि वे सभी का समर्थन चाहते हैं।