तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि के नेतृत्व में पार्टी के एक धड़े ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है। इन नेताओं का क्या कहना है, पढ़िए रिपोर्ट-
सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि के नेतृत्व में एआईएडीएमके के एक गुट ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को समर्थन देने की घोषणा की। इसे एआईएडीएमके में फूट पड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। लगभग 30 विधायकों के इस समूह ने पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी के खिलाफ विद्रोह कर दिया है।
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विधायकों ने पलानीस्वामी पर कट्टर प्रतिद्वंद्वी डीएमके के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले विजय के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है।
इस गुट के नेताओं ने कहा कि वे आज ही विजय से मिलने की योजना बना रहे हैं। षणमुगम ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में एआईएडीएमके को तीन बार द्रविड़ मनुेत्र कड़गम (डीएमके) से और एक बार पिछले महीने टीवीके से हार मिली है। उन्होंने कहा, हमें पार्टी को पुनर्जीवित करना है, इसके भविष्य पर चर्चा करनी है।
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उन्होंने एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी पर भी टिप्पणी की और कहा कि उन्होंने द्रमुक के साथ गठबंधन पर विचार किया था।
सीवी षणमुगम ने क्या कहा?
षणमुगम ने कहा, हमने यह पार्टी द्रमुक के खिलाफ बनाई थी। 53 साल से हमारी राजनीति उसके खिलाफ रही है। ऐसे में द्रमुक के साथ सरकार बनाने का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया। अगर हम ऐसा गठबंधन करते, तो एआईएडीएमके खत्म हो जाती। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पार्टी को तोड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, हम अभी किसी गठबंधन में नहीं हैं। हमारा फोकस पार्टी को मजबूत करने पर है। हमने टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
पार्टी का दूसरा गुट पलानीस्वामी से मिलने पहुंचा
इस बीच, एआईएडीएमके के एक दूसरे गुट के नेता केपी मुनुसामी और थंबीदुरई पलानीस्वामी से मिलने पहुंचे।
विधानससभा चुनाव में मिलीं 108 सीटें
टीवीके ने हाल के विधानसभा चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से कुछ सीटें कम रह गईं। बाद में छोटे दलों के समर्थन से वह बहुमत के करीब पहुंची।