एआईएडीएमके में आंतरिक संकट गहरा गया है। पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी ने सीवे षणमुगम और एसपी वेलुमणि सहित कई नेताओं को पद से हटा दिया है, क्योंकि कुछ विधायकों ने टीवीके सरकार के समर्थन में वोट किया।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां अन्नाद्रमुक (AIADMK) में आंतरिक संकट और गहरा गया है। पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सख्त कदम उठाते हुए वरिष्ठ नेताओं सीवे षणमुगम और एस.पी. वेलुमणि सहित कई नेताओं को उनके संगठनात्मक पदों से हटा दिया है। पार्टी नेतृत्व ने यह कार्रवाई उन विधायकों के खिलाफ की है जिन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए विधानसभा में विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया।
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25 विधायकों के पदों में बदलाव
पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कुल 25 विधायकों से जुड़े संगठनात्मक पदों में बदलाव किया है। इसके तहत उन्हें उनके मौजूदा पदों से हटाकर नए जिला सचिवों की नियुक्ति की गई है। AIADMK नेतृत्व का कहना है कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी तरह की बगावत या निर्देशों की अवहेलना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कारण यह बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया है।
विश्वास मत के दौरान क्रॉस वोटिंग से बढ़ा विवाद
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान अन्नाद्रमुक के कुछ विधायकों ने विपक्ष की बजाय टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया। इस समर्थन के बाद विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने बहुमत साबित कर दिया। टीवीके सरकार, जो 108 सीटों के साथ बहुमत से पीछे रह गई थी, उसे कांग्रेस, वाम दलों, IUML और AIADMK के एक गुट के समर्थन से 144 विधायकों का समर्थन मिल गया।
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क्रॉस वोटिंग के बाद अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत कार्रवाई की। पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी ने साफ संकेत दिया है कि संगठन में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की बगावत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।