एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने दफ्तरों में कामकाज की रफ्तार बढ़ाई है, लेकिन इसके साथ कर्मचारियों की चिंताएं भी सामने आ रही हैं। एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि तकनीक से समय बचने के बावजूद कई कर्मचारी इसकी वजह से जवाबदेही और रोजगार को लेकर आशंकित हैं। खासतौर पर छोटी कंपनियों में एआई के इस्तेमाल से जुड़े स्पष्ट नियम कम पाए गए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने भले ही काम को बेहद आसान बना दिया हो और कर्मचारियों के औसतन 2.3 घंटे प्रतिदिन बचाए हों लेकिन इससे कार्यस्थलों पर अनिश्चितता और भय का माहौल भी बन रहा है। गो टू और वर्कप्लेस इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 83% कर्मचारियों को डर है कि एआई-संबंधित गलती के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सकता है या नौकरी से निकाला जा सकता है। इसलिए लगभग 31% कर्मचारी एआई के इस्तेमाल में संकोच करते हैं।
विज्ञापन
यह रिपोर्ट नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच भारत, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन समेत 10 देशों के 2,500 नॉलेज वर्कर्स और आईटी लीडर्स पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि छोटे कारोबार में स्पष्ट एआई नीतियों की भारी कमी है। केवल 24% छोटी और 36% मझोले आकार की कंपनियों में ही ऐसी नीतियां हैं, जबकि बड़े उद्यमों में यह आंकड़ा 53% है। 25% आईटी लीडर्स का मानना है कि एआई की गलतियों ने ग्राहकों को प्रभावित किया है।
31 फीसदी लोग एआई से दबाव में
रिपोर्ट के मुताबिक, 10 में से चार से अधिक (42%) लोग एआई गलती अपने सिर लेने को तैयार हैं ताकि उन्हें काम में धीमा ना आंका जाए। इसके अलावा, लगभग एक-तिहाई (31%) लोगों ने एआई पर भरोसा करने और गलतियों के बारे में चुप रहने के अनकहे दबाव की बात कही। 14% ने कहा कि उन्होंने एआई की गलती बताई लेकिन उन्हें चुप रहने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
वर्कप्लेस इंटेलिजेंस के मैनेजिंग पार्टनर डैन शॉबेल ने कहा, हम वर्कप्लेस पर एक नए तरह का दबाव देख रहे हैं। कर्मचारियों को लगता है कि उन्हें एआई का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि उनकी गिनती ऐसे लोगों में ना हो जिन्हें कंपनी निकालने पर विचार करे.. लेकिन अगर कुछ गलत हो जाता है तो उन्हें नतीजों का डर भी होता है।
एआई के जोखिमों को लेकर आईटी लीडर्स भी चिंतित
91% आईटी लीडर्स भविष्य में एआई की गलतियों के जोखिम को लेकर चिंतित हैं। लगभग 26% कर्मचारियों का मानना है कि एआई उन्हें वास्तविक जवाबदेही से बचने में मदद करता है।
10 में से छह लोगों को लगता है कि उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन पर एआई का इस्तेमाल करने का दबाव डाला जा रहा है, जबकि 47% का कहना है कि एआई का इस्तेमाल कामकाज के मूल्यांकन में मायने रखता है।
जब कंपनियां एजेंटिक आईई अपना रही हैं तो तैयारी में कमी साफ दिख रही है। जहां 46% छोटे व्यवसाय एजेंटिक एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उद्यमों में यह आंकड़ा 70% है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि कंपनियों को एआई से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश, मजबूत सुरक्षा उपाय और जवाबदेही की संस्कृति विकसित करनी चाहिए। अन्यथा यह कार्यस्थल की उत्पादकता को पटरी से उतार सकता है।