सीडीएस जनरल अनिल चौहान
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उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी एआई के क्षेत्र में शुरुआती कदम उठा रहा है। अभी यह तय करना बाकी है कि इसे किस तरह और किस स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल एआई के लिए ही अलग ऊर्जा व्यवस्था बनाई जाएगी। लेकिन भविष्य में सेना के लिए एआई प्रणालियां चलाने के लिए समर्पित ऊर्जा की जरूरत जरूर पड़ेगी।
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फिलीपींस के रक्षा प्रमुख ने चर्चा के दौरान क्या कहा?
इस चर्चा में फिलीपींस के सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल रोमियो एस ब्राउनर जूनियर भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग संघर्षों से कई सबक मिल रहे हैं। उनमें से एक अहम सबक यह है कि भविष्य का युद्ध एआई और उससे जुड़ी स्वचालित प्रणालियों पर आधारित होगा। जनरल ब्राउनर ने फिलीपींस में एआई से जुड़ी कुछ पहलों का भी जिक्र किया। इनमें सैन्य समाधान से जुड़े प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भरोसेमंद रक्षा व्यवस्था और मजबूत प्रतिरोध क्षमता बनाने के लिए एआई और स्वचालित प्रणालियां बेहद महत्वपूर्ण होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिलीपींस को स्वतंत्र ऊर्जा स्रोतों की मजबूत व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।