फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रायसीना संवाद: सीडीएस जनरल अनिल चौहान बोले- बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही दुनिया, एआई बदलेगा युद्ध का रुख

Sat, 07 Mar 2026 11:06 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और भविष्य के युद्ध में एआई और स्वचालित प्रणालियों की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ेगी और इसमें परमाणु ऊर्जा अहम भूमिका निभा सकती है। रायसीना संवाद में सीडीएस ने किन बिंदुओं पर प्रकाश डाला, पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
सीडीएस जनरल अनिल चौहान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/रायसीना डायलॉग/एक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। आने वाले समय में युद्ध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्वचालित प्रणालियों की बड़ी भूमिका होगी। यह बात उन्होंने रायसीना संवाद के 11वें संस्करण में एक चर्चा के दौरान कही। 
विज्ञापन


जनरल चौहान ने कहा कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऊर्जा की जरूरत भी काफी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि डाटा केंद्रों को चलाने के लिए परमाणु ऊर्जा और एआई एक-दूसरे के पूरक साबित हो सकते हैं। इस सत्र का शीर्षक 'द टेक ट्रायड' था। इसमें परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालित (ऑटोमैटिक) हथियारों पर चर्चा की गई।

सीडीएस ने कहा कि सैन्य क्षेत्र में एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। मौजूदा संघर्षों में भी इसका इस्तेमाल देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले सैन्य ताकत टैंक, विमान, जहाज और पनडुब्बियों जैसे साधनों पर आधारित होती थी। लेकिन आज इनके साथ-साथ डाटा, नेटवर्क और खुफिया जानकारी भी बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध में एआई और स्वचालित प्रणालियां बड़ी भूमिका निभाएंगी।
विज्ञापन

सीडीएस जनरल अनिल चौहान - फोटो : पीटीआई
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्या कहा?
  • जनरल अनिल चौहान ने कहा कि अगर स्वचालित प्रणालियां न हों तो समय पर निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है। युद्ध में जीत के लिए दो चीजें सबसे अहम होती हैं। सही समय पर फैसला और सही फैसला। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालित प्रणालियां इसमें काफी मदद करती हैं।
  • उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियों को चलाने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है। आने वाले समय में यह एक बड़ी जरूरत बनने वाली है।
  • सीडीएस ने कहा कि ऊर्जा हमेशा से राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा रही है।
  • उन्होंने कहा कि आज के युद्ध में लगभग हर चीज को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। तेल, गैस और दुर्लभ खनिज तत्व भी इसमें शामिल हैं। ऐसे में ऊर्जा और सुरक्षा के बीच गहरा संबंध है।
  • जनरल चौहान ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव के दौर में है। एआई भविष्य के युद्ध को काफी प्रभावित करेगी और इसके लिए भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होगी।

 
विज्ञापन

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी एआई के क्षेत्र में शुरुआती कदम उठा रहा है। अभी यह तय करना बाकी है कि इसे किस तरह और किस स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल एआई के लिए ही अलग ऊर्जा व्यवस्था बनाई जाएगी। लेकिन भविष्य में सेना के लिए एआई प्रणालियां चलाने के लिए समर्पित ऊर्जा की जरूरत जरूर पड़ेगी।

ये भी पढ़ें: विमानन क्षेत्र में महिलाओं की उड़ान: केबिन क्रू से ऑपरेशन तक भागीदारी, इंडिगो-एअर इंडिया में कितनी कर्मचारी?

फिलीपींस के रक्षा प्रमुख ने चर्चा के दौरान क्या कहा?
इस चर्चा में फिलीपींस के सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल रोमियो एस ब्राउनर जूनियर भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग संघर्षों से कई सबक मिल रहे हैं। उनमें से एक अहम सबक यह है कि भविष्य का युद्ध एआई और उससे जुड़ी स्वचालित प्रणालियों पर आधारित होगा। जनरल ब्राउनर ने फिलीपींस में एआई से जुड़ी कुछ पहलों का भी जिक्र किया। इनमें सैन्य समाधान से जुड़े प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भरोसेमंद रक्षा व्यवस्था और मजबूत प्रतिरोध क्षमता बनाने के लिए एआई और स्वचालित प्रणालियां बेहद महत्वपूर्ण होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि फिलीपींस को स्वतंत्र ऊर्जा स्रोतों की मजबूत व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें