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दिवाली-छठ पर एआई गिनेगा स्टेशन की भीड़: लोड बढ़ते ही बजेगा अलर्ट, फिर दौड़ेगी स्पेशल ट्रेन;जाने रेलवे का प्लान

सार

दिवाली और छठ के दौरान देश के प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में यात्रियों की कतार प्रबंधन, होल्डिंग एरिया, यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों के संचालन की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण होता है।
 
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एआई बताएगा कहां बढ़ रही भीड़ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ एआई
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विस्तार
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दिवाली और छठ के दौरान रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए भारतीय रेलवे अब एआई का सहारा लेगा। इस बार भीड़ का आकलन सिर्फ अनुमान के आधार पर नहीं होगा, बल्कि एआई आधारित रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग से यात्रियों की संख्या और उनकी आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। प्रमुख स्टेशन परिसर और मुख्य यात्री क्षेत्रों में लगे कैमरों की लाइव वीडियो फीड का एआई विश्लेषण करेगा। इससे पता चलेगा कि किसी इलाके में एक समय पर कितने यात्री मौजूद हैं और भीड़ किस दिशा में बढ़ रही है। इसी डेटा से अलग-अलग समय पर भीड़ का पैटर्न तैयार किया जा सकेगा।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली और छठ के दौरान देश के प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में यात्रियों की कतार प्रबंधन, होल्डिंग एरिया, यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों के संचालन की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी को देखते हुए रेलवे ने इस बार भीड़ प्रबंधन में एआई तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी की है। त्योहारी सीजन को देखते हुए कई प्रमुख स्टेशनों पर इस दिशा में काम शुरू भी कर दिया गया है।

एआई ऐसे गिनेगा स्टेशन पर यात्रियों की संख्या
एआई सिस्टम कैमरे की वीडियो फीड को लगातार स्कैन करेगा। कंप्यूटर विजन तकनीक से यात्रियों की पहचान कर उन्हें अलग-अलग ऑब्जेक्ट के तौर पर चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद ऑब्जेक्ट ट्रैकिंग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक ही यात्री की गिनती दोबारा न हो। इससे किसी तय क्षेत्र में कितने लोग आ-जा रहे हैं और किस जगह कितनी तेजी से भीड़ बढ़ रही है, इसका रियल टाइम आंकड़ा मिल सकेगा।
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भीड़ बढ़ने के संकेत मिलते ही शुरू होगी तैयारी
अगर किसी ट्रेन या रूट पर यात्रियों की संख्या तय सीमा से तेजी से बढ़ती है, तो कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इसके आधार पर रेलवे अतिरिक्त ट्रेन या कोच चलाने, प्लेटफॉर्म की व्यवस्था बदलने और होल्डिंग एरिया की क्षमता बढ़ाने जैसे फैसले ले सकेगा। यानी भीड़ जमा होने के बाद इंतजाम करने के बजाय उसके बढ़ने के संकेत मिलते ही तैयारी शुरू हो जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि रेलवे को सिर्फ टिकट बिक्री और पिछले वर्षों के आंकड़ों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रियल टाइम डेटा से पता चलेगा कि किस समय, किस दिशा और किस रूट पर भीड़ तेजी से बढ़ रही है। इससे स्पेशल ट्रेनों की योजना ज्यादा सटीक होगी। साथ ही, उधना स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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