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AI Summit: भारतजेन का नया मॉडल पेश, जितेंद्र सिंह बोले- स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के उपयोग के लिए नैतिकता अहम

Tue, 17 Feb 2026 04:32 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए नैतिकता को सबसे जरूरी बताया। उन्होंने सरकारी एआई प्रोजेक्ट 'भारतजेन' के नए मॉडल 'Param2' की जानकारी दी। यह मॉडल 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा और खेती, स्वास्थ्य व कानून जैसे क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाएगा।
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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एआई इम्पैक्ट समिट के एक सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, यह नैतिकता (एथिक्स) पर निर्भर करेगा।
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मंत्री ने भारतजेन एआई मॉडल की दी जानकारी
इस सत्र के दौरान मंत्री ने सरकार के अपने सॉवरेन एआई मॉडल 'भारतजेन' के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतजेन एक सरकारी मॉडल है, लेकिन निजी क्षेत्र की कंपनियां भी डिजिटल हेल्थ और डिजिटल केस हिस्ट्री जैसे मॉडलों पर काम कर रही हैं। आने वाले समय में सरकारी और निजी क्षेत्रों को मिलकर काम करना होगा, क्योंकि इस क्षेत्र में अकेले काम करना मुश्किल है। इसलिए हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार नई तकनीकों के शुरुआती दौर में ही नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

भारतजेन का नया मॉडल हुआ पेश
अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ 'भारतजेन' एक सरकारी प्रोजेक्ट है। इसका मकसद एक ऐसा भारतीय एआई मॉडल बनाना है जो भारतीय भाषाओं के लिए ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन (एएसआर) मॉडल और टेक्स्ट-टू-स्पीच (टीटीएस) मॉडल जैसी सेवाएं देगा। इस कार्यक्रम में भारतजेन ने अपना नया 17बी (बिलियन) पैरामीटर लार्ज लैंग्वेज मॉडल पेश किया।
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क्या है भारतजेन के एआई मॉडल की खासियत?
अभी, भारतजेन के एआई मॉडल कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं, जिनमें हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मैथिली, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं। इसके साथ ही भारतजेन ने कुछ खास क्षेत्रों के लिए अलग मॉडल भी जारी किए हैं। इनमें आयुर्वेद के लिए 'आयुर परम', खेती के लिए 'एग्री परम' और कानूनी क्षेत्र के लिए 'लीगल परम' शामिल हैं। ये मॉडल स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन में बहुत उपयोगी साबित होंगे।
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इसका नया 17-बिलियन-पैरामीटर वाला मॉडल Param2 के नाम से जाना जाएगा। यह कुल 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा। इसे आईआईटी बॉम्बे के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से तैयार किया है। भारतजेन के सीईओ ऋषि बल ने बताया कि Param2 एक एक्सपर्ट्स का मिक्सचर मॉडल है, जिसे भारतीय भाषाओं की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है।

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