आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल सवालों के जवाब देने वाला सिस्टम नहीं रह गया है। एआई के क्षेत्र में जिस तेजी से उन्नति हो रही है, उसने इसकी क्षमताओं को काफी बढ़ा दिया है। एआई एजेंट को अब ऐसे काम सौंपे जा रहे हैं, जिनमें वह खुद इंटरनेट पर जानकारी खोजता है, वेबसाइट्स से डाटा जुटाता है और किसी काम को पूरा करने के लिए कई चरणों में फैसले लेता है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया की एक घटना इन दिनों काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस घटना ने बढ़ती एआई की क्षमताओं और उससे जुड़ी साइबर सिक्योरिटी की चुनौतियों का सामने रखा है।
जून 2026 में ओपनएआई के एक एआई एजेंट ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के मेडिकेयर स्टैटिस्टिक्स रिपोर्टिंग सर्विस पोर्टल में अनधिकृत एक्सेस हासिल कर लिया। एजेंट ने सार्वजनिक जानकारी खोजने के दौरान ऐसे रास्ते का इस्तेमाल किया, जिससे वह कुछ गैर-सार्वजनिक फाइलों तक भी पहुंच गया।
आखिर हुआ क्या था?
यह मामला ऑस्ट्रेलिया के उस पोर्टल से जुड़ा है, जिसे सर्विसेज ऑस्ट्रेलिया संचालित करती है। इस वेबसाइट पर मेडिकेयर से जुड़े आंकड़े उपलब्ध होते हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च और कई दूसरे तरह के डाटा शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि यह पोर्टल उन सिस्टम्स से अलग है, जिनमें लोगों की व्यक्तिगत मेडिकेयर जानकारी रखी जाती है। ओपनएआई के एजेंट को ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य और दवाओं पर होने वाले खर्च से जुड़ी जानकारी खोजने का काम दिया गया था।
शुरुआत में यह एक सामान्य रिसर्च टास्क था। एजेंट ने इंटरनेट पर जानकारी तलाशते हुए मेडिकेयर के इस पोर्टल तक पहुंच बनाई। समस्या तब शुरू हुई जब पोर्टल ने मांगी गई कुछ जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद एआई एजेंट ने दूसरा रास्ता तलाशा और एक तकनीकी खामी का फायदा उठाकर उन फाइलों तक पहुंच गया, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थीं।
कौन-सा डाटा एक्सेस हुआ?
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार एजेंट ने सार्वजनिक और गैर-सार्वजनिक दोनों तरह की फाइलों तक पहुंच बनाई। इनमें कुछ एग्रीगेटेड हेल्थ स्टैटिस्टिक्स और इंटरनल फाइलों से जुड़ी जानकारी शामिल थी। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है, जिसमें किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मेडिकेयर या मेडिकल जानकारी भी एआई ने एक्सेस की थी। इस मामले को खास बनाने वाली बात सिर्फ यह नहीं है कि इस वेबसाइट में सेंध लगी। असली सवाल यह उठता है कि आखिर जो एआई एजेंट्स थे उन्होंने रुकने की बजाए दूसरे रास्तों की तलाश क्यों की?
अगर किसी वेबसाइट से एक्सेस डिनाइड मिल जाए, तो एआई को निर्धारित नियमों के अंतर्गत रुक जाना चाहिए। लेकिन ये और हगिंग फेस वाली घटना इस बारे में बताती है कि एआई एजेंट किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई संभावित रास्ते आजमा सकते हैं। यही वजह है कि यह घटना एआई एजेंट्स की बढ़ती स्वायत्तता को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।
ये घटना 18 जून 2026 को हुई थी। इसकी जानकारी ओपनएआई को बाद में समीक्षा के दौरान मिली। जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने 10 सितंबर को ऑस्ट्रेलियाई सरकार को ईमेल के जरिए इसकी सूचना दी और 11 सितंबर को सर्विसेज ऑस्ट्रेलिया ने वह संदेश देखा। इसके बाद मामला ऑस्ट्रेलियाई साइबर सिक्योरिटी अधिकारियों तक पहुंचा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस बारे में बताते हुए कहा कि सरकार को घटना की जानकारी मिलने में इतना समय लगना काफी चिंता का विषय है। इस घटना के बाद सरकार ने मामले की जांच की और अब उसने एआई से उभरते साइबर खतरों को देखते हुए एआई टास्कफोर्स का गठन भी कर लिया है।