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Ahmedabad Plane Crash: पायलटों की संस्था ने क्यों भेजा AAIB को कानूनी नोटिस? मारे गए पायलट से जुड़ा है मामला

Thu, 15 Jan 2026 11:39 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद विमान हादसे में 242 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे की जांच के तहत विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच और तकनीकी विश्लेषण के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना मानवीय चूक, तकनीकी खामी या किसी और कारण से हुई।
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अहमदाबाद में विमान हादसा। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पायलटों की संस्था फेडरशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें पिछले साल जून में अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान दुर्घटना में मारे गए पायलटों में से एक सुमित सभरवाल के भतीजे को बुलाए जाने के बारे में पूछा गया है।
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हादसे की जांच के सिलसिले में एएआईबी ने दिवंगत सभरवाल के भतीजे और एअर इंडिया के नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट पायलट कैप्टन वरुण आनंद को बुलाया है। आनंद एफआईपी के सदस्य भी हैं। सुमित सभरवाल दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787-8 विमान को उड़ाने वाले पायलटों में से एक थे। एआई171 हादसे में 260 लोग मारे गए थे। इनमें विमान सवार 241 लोग भी शामिल थे।

एफआईपी के नोटिस में क्या है?
  • एफआईपी ने 11 जनवरी को एएआईबी को भेजे कानूनी नोटिस में कहा कि कैप्टन वरुण आनंद उक्त दुर्घटना के संबंध में न तो कोई चश्मदीद गवाह हैं, न ही तकनीकी गवाह हैं और न ही विशेषज्ञ गवाह हैं।
  • कैप्टन वरुण आनंद को बुलाने का एकमात्र आधार मृतक पायलट-इन-कमांड के साथ उनका पारिवारिक संबंध लगता है, जो कानून में गलत है और समन को मनमाना और गैर-कानूनी बनाता है।
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किस हैसियत से वरुण आनंद को बुलाया :एफआईपी का सवाल

नोटिस में एफआईपी ने कहा कि इस सूचना में उस कानूनी प्रावधान, मकसद या प्रासंगिकता का खुलासा नहीं किया गया है जिसके तहत आनंद को बुलाया जा रहा है और न ही यह बताया गया है कि उनकी मौजूदगी किस हैसियत से जरूरी है। वरुण आनंद पेशे से एक कमर्शियल पायलट हैं और उनका उस विमान, उस फ्लाइट, उसकी प्लानिंग, डिस्पैच, ऑपरेशन, मेंटेनेंस, सर्टिफिकेशन, एयरवर्थनेस क्लीयरेंस या क्रू कंपोजिशन से कोई लेना-देना नहीं है।

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एएआईबी ने बताई वजह
वहीं एएआईबी ने कहा कि विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम 2025 के अनुसार, जांचकर्ता के पास जांच से संबंधित किसी भी गवाह को बुलाने और उससे पूछताछ करने का अधिकार है। एएआईबी ने यह भी कहा कि नियमों के तहत, जांचकर्ता ऐसे गवाह से जानकारी या सबूत देने या पेश करने या किसी भी पूछताछ का जवाब देने या वापस आने के लिए कह सकता है, जो उसे सही लगे।

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