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Aviation: अहमदाबाद विमान हादसा और महंगे तेल ने बढ़ा दी एविएशन कंपनियों की चिंता,अब इन सेक्टर्स पर बढ़ेगा दबाव

Fri, 13 Jun 2025 07:18 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद शुक्रवार को एविएशन सेक्टर के शेयर जबरदस्त दबाव में दिखे।  दूसरी तरफ इजरायल और ईरान के संघर्ष से कच्चे तेल के दामों में आया उछाल उड्डयन कंपनियों को परेशान कर रहा है। 
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विमान - फोटो : एंबरेयर एविएशन
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विस्तार
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गुजरात के अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद शुक्रवार को एविएशन सेक्टर के शेयर जबरदस्त दबाव में दिखे। इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइन कंपनी शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और एयर इंडिया विमान हादसे के बाद बाजार में फैली नकारात्मक भावना भी है। दूसरी तरफ इजरायल और ईरान के संघर्ष से कच्चे तेल के दामों में आए उछाल से सिर्फ तेल कंपनियां ही नहीं, बल्कि पेंट्स, एविएशन, टायर, सीमेंट और केमिकल सेक्टर की कंपनियों पर भी प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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इंडिगो के शेयर शुरूआती कारोबार में 5.62 प्रतिशत गिरकर 5,175 रुपये के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी देखने को मिली लेकिन बाद फिर शेयर गिरावट में चला गया। इंडिगो के लिए यह 25 अप्रैल के बाद सबसे खराब कारोबारी सेशन रहा। यह दोनों कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। स्पाइसजेट ने 6 मई के बाद सबसे तेज गिरावट देखी। इंडिगो के शेयर शुक्रवार को बीएसई पर 3.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹5280.00 और स्पाइसजेट के शेयर 1.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹43.81 पर बंद हुए हैं। इंट्रा-डे में इंडिगो 5.62 प्रतिशत टूटकर ₹5175.00 और स्पाइसजेट 5.64 प्रतिशत टूट कर ₹42.16 तक आ गया था।

इन शेयरों में गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव है। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध तेज होने से शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। इससे एविएशन कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ गया है। तेल की कीमतें शुक्रवार को 2022 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड 9.66% बढ़कर $76 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 9.76% की तेजी के साथ $74.68 पर था।
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इस बीच, एयर इंडिया के विमान हादसे ने पहले से ही निवेशकों की भावनाओं पर असर डाला हुआ था। गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 241 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। 12 साल पुराना यह विमान कुल 242 यात्रियों और क्रू सदस्यों को लेकर उड़ान पर था, जिसमें 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।

एयर इंडिया के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे का असर टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिला है। चूंकि एयर इंडिया अब टाटा ग्रुप का हिस्सा है, इसलिए बाजार में हादसे के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसके चलते शुक्रवार को टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टीसीएस, टाइटन, टाटा पावर, इंडियन होटल्स, टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा एलेक्सी जैसी बड़ी टाटा ग्रुप कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। एयर इंडिया विमान हादसे ने ना सिर्फ एविएशन सेक्टर बल्कि टाटा ग्रुप के ब्रांड इमेज और निवेशक सेंटिमेंट पर भी असर डाला है।

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इन सेक्टर्स पर भी दिखेगा दबाव
आने वाले दिनों में तेल की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ तेल विपणन कंपनियों जैसे एचपीसीएल,बीपीसीएल और आईओसीएल तक सीमित नहीं रहेगा। कई अन्य सेक्टर भी इस तेजी से प्रभावित होंगे। पेंट कंपनियों के रॉ मटेरियल का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा क्रूड और उसके डेरिवेटिव्स से जुड़ा होता है। कच्चे तेल के महंगा होने पर कच्चे माल की लागत बढ़ेगी, जिससे मार्जिन पर असर पड़ेगा। इसके अलावा टायर बनाने में इस्तेमाल होने वाला सिंथेटिक रबर, कार्बन ब्लैक और कई केमिकल्स क्रूड बेस्ड होते हैं। कच्चे तेल की महंगाई से इनकी लागत बढ़ेगी। सीमेंट इंडस्ट्री की लागत का 40-50 प्रतिशत हिस्सा पेट्रोलियम आधारित इनपुट्स पर निर्भर करता है, जैसे डीजल और पावर लागत। तेल की कीमतें बढ़ने पर परिवहन और उत्पादन महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल सेक्टर के लिए कच्चा तेल एक प्रमुख रॉ मटेरियल है। कीमतों में बढ़ोतरी से रॉ मटेरियल कॉस्ट बढ़ेगी और प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव पड़ेगा।
 
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