अहमदाबाद में 12 जून को हुए भीषण विमान हादसे के 251 पीड़ितों की अब तक डीएनए परीक्षण के जरिए पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 245 मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
लंदन जा रहा यह विमान दोपहर 1:39 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद मेघाणीनगर स्थित एक छात्रावास भवन के उपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिससे विमान में आग लग गई और 270 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। एक यात्री इस हादसे में बच गया।
251 लोगों का हुआ डीएनए मिलान
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया, हादसे में मारे गए 251 लोगों की पहचान डीएनए जांच से हो चुकी है। इनमें से 245 शवों को परिजनों को सौंपा गया हौ। जिनमें 176 भारतीय, 49 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली, 1 कनाडाई नागरिक और 12 गैर-यात्री शामिल हैं।
डॉ. जोशी ने बताया कि 70 पीड़ित अहमदाबाद से, 24 वडोदरा से, 26 आनंद से और 11 खेड़ा जिले से थे। इसके अलावा राजस्थान, मणिपुर, नागालैंड, महाराष्ट्र, दीव और बिहार के पीड़ितों की भी पहचान की गई है।
उन्होंने कहा, डीएनए सैंपल मिलान की प्रक्रिया बहुत संवेदनशील होती है और इसमें कानूनी प्रोटोकॉल शामिल होता है, इसलिए इसे गंभीरता और गति के साथ पूरा किया जा रहा है। फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, संबंधित संस्थान, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियां इस कार्य में जुटी हुई हैं ताकि शवों को शीघ्रता से परिजनों को सौंपा जा सके।"
आठ पीड़ितों के परिजनों को दोबारा डीएनए सैंपल देने के लिए कहा गया
शनिवार को अधिकारियों ने बताया था कि आठ पीड़ितों के परिजनों को दोबारा डीएनए सैंपल देने के लिए कहा गया है, क्योंकि पहले दिए गए सैंपल पीड़ितों के साथ मेल नहीं खा सके। इस हादसे के बाद राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग पहचान, परीक्षण और शवों के अंतिम संस्कार तक की प्रक्रिया में लगातार जुटे हुए हैं, ताकि परिजनों को जल्द से जल्द अंतिम विदाई का मौका मिल सके।
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