चेन्नई की 30 वर्षीय महिला इंजीनियर ने एकतरफा प्यार में अंधी होकर ऐसा कदम उठाया कि देश के 11 राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई। प्यार में नाकाम रहने पर इस महिला ने फर्जी ईमेल और वीपीएन का इस्तेमाल कर स्कूलों, अस्पतालों और स्टेडियमों में बम से उड़ाने की धमकी भेज दी। लेकिन एक छोटी सी गलती ने उसकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला रिने जोशिल्डा चेन्नई की रहने वाली है और पेशे से रोबोटिक्स इंजीनियर है। वह डेलॉइट कंपनी में सीनियर कंसल्टेंट के पद पर काम कर रही थी। बेंगलुरु में एक प्रोजेक्ट के दौरान उसकी मुलाकात दिविज प्रभाकर नामक युवक से हुई, जिससे वह एकतरफा प्यार करने लगी। दिविज ने कभी उसकी भावनाओं को नहीं स्वीकारा और इस साल फरवरी में किसी और से शादी कर ली। इसी बात से नाराज होकर रिने ने खौफनाक प्लान बनाया।
फर्जी ईमेल से दी बम से उड़ाने की धमकी
पुलिस की जांच में पता चला कि रिने ने दिविज प्रभाकर के नाम से कई फर्जी ईमेल आईडी बनाई और उनके जरिए अहमदाबाद समेत 11 राज्यों में बम धमकियां भेजीं। अकेले अहमदाबाद में उसने नरेंद्र मोदी स्टेडियम, जिनेवा लिबरल स्कूल और एक अस्पताल को उड़ाने की धमकी दी। ये धमकियां वीआईपी कार्यक्रमों और बड़े आयोजनों से पहले भेजी जाती थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच जाता था।
देश के 11 राज्यों में फैली सनसनी
गुजरात पुलिस के मुताबिक, इन धमकियों से महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, बिहार, तेलंगाना, पंजाब, मध्य प्रदेश और हरियाणा में सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा। पुलिस को हर बार जांच के बाद पता चलता कि यह महज झूठी धमकी है, लेकिन तब तक सरकारी मशीनरी को भारी नुकसान और अफरातफरी का सामना करना पड़ता।
ये भी पढ़ें: ईरान से संघर्ष विराम के बाद इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?
एयर इंडिया हादसे में भी दावा
12 जून को एयर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट टेकऑफ के कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें 274 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद बीजे मेडिकल कॉलेज को एक ईमेल मिला, जिसमें दावा किया गया कि प्लेन क्रैश उसकी ही साजिश थी। बाद में पुलिस जांच में पता चला कि यह मेल भी रिने जोशिल्डा ने ही भेजा था। उस वक्त वह नहीं जानती थी कि पुलिस उसके करीब पहुंच चुकी है।
छोटी सी गलती से खुल गई पोल
रिने ने वीपीएन, टोर ब्राउजर और डार्क वेब के जरिए अपनी पहचान छुपाने की पूरी कोशिश की। लेकिन छह महीने पहले उसने एक ही डिवाइस से असली और फर्जी दोनों ईमेल आईडी में एक बार लॉगिन कर लिया। इसी से उसकी असली पहचान और लोकेशन ट्रेस हो गई। अहमदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने इसी सुराग से उसे धर दबोचा।
ये भी पढ़ें: इंदिरा के प्रधानमंत्री बनने से कांग्रेस की सरकार गिरने तक, जानें कैसे आई आपातकाल की नौबत
पुलिस बोली- काफी समझदार थी
अहमदाबाद पुलिस के ज्वाइंट सीपी (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया कि रिने तकनीकी रूप से काफी समझदार थी। उसने अपनी डिजिटल पहचान छुपाने के लिए हर संभव तरीका अपनाया, लेकिन एक मामूली चूक से सारा खेल खत्म हो गया। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।