अहमदाबाद विमान हादसे में जिंदा बचे एक मात्र यात्री रमेश विश्वास कुमार का नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह विमान गिरने के बाद एक कंपाउंड से बाहर आते दिख रहे हैं।40 साल के भारतीय-ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वास कुमार उन 242 लोगों में से एक थे जो हादसे के वक्त विमान में सवार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी।
वायरल हो रही वीडियो में डॉक्टरों के हॉस्टल के अंदर भीषण आग लगी हुई है। 17 सेकेंड के वीडियो में रमेश विश्वास कुमार बाहर आते हुए दिखाई दे रहे हैं। उस वक्त पर हादसे के बाद चीख-पुकार मची हुई थी। विश्वास कुमार एयर इंडिया की फ्लाइट में सीट नंबर 11A पर बैठे थे और इस हादसे में जिस तरह उनकी जान बची। इस हादसे में उनका बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
वायरल वीडियो में एअर इंडिया का विमान बुरी तरह से जलता नजर आ रहा है। इसी बीच रमेश विश्वास उस इमारत के बाहर निकलकर आते दिख रहे हैं। जहां पर विमान गिरा था। उन्हें देखकर मौके पर मौजूद कुछ लोग उन्हें वहां से हटने के लिए कहते हैं। इसके बाद कुछ लोग घायल रमेश को घटनास्थल से दूर ले जाते हैं।
वीडियो देखें:
रमेश बयां किया वह भयावह मंजर
हादसे में जिंदा बचे रमेश विश्वास ने बताया था, सब कुछ मेरी नजरों के सामने हुआ। ...मुझे खुद भरोसा नहीं हो रहा कि मैं कैसे उसमें से जिंदा बाहर निकल सका। क्रैश होने के बाद कुछ देर के लिए मुझे लगा कि मैं भी मरने ही वाला हूं। जब आंख खुली तो एहसास हुआ कि मैं जिंदा हूं। मैंने सीट बेल्ट खोला और मैंने बाहर निकलने की कोशिश की। मेरी नजरों के सामने एयर होस्टेस और कुछ अंकल-आंटी खत्म हो गए।
ऐसा लगा प्लेन कहीं फंस गया है...
'' टेक ऑफ होते ही एक मिनट बाद 5-10 सेकंड के लिए लगा कि प्लेन कहीं फंस गया है। बाद में प्लेन में हरी और सफेद लाइटें ऑन हो गईं। फिर उसकी रफ्तार अचानक बढ़ गई और वह तेज रफ्तार के साथ एक इमारत (हॉस्टल) से जा टकराया। ''
दीवार थी, इसलिए बाकी यात्री नहीं बच सके...
'' मैं जिस तरफ था, वहां से प्लेन जमीन की तरफ क्रैश हुआ था। वहां थोड़ी जगह थी। मैं जहां था, वहां प्लेन का दरवाजा टूटा। वहां थोड़ी जगह बनी। मैंने बाहर आने की कोशिश की तो मैं बाहर आ पाया। विमान के अंदर मेरी विपरीत दिशा जो लोग बैठे थे, प्लेन क्रैश होने पर उनकी तरफ इमारत की दीवार आ गई, शायद इसलिए वो नहीं निकल पाए। ...जब भीषण आग लगी तो मेरा एक हाथ भी जल गया। फिर मैं पैदल चलकर कुछ दूर आया। फिर एंबुलेंस मिल गई और अस्पताल पहुंच सका।
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