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अहमद पटेल की जीत माने अमित शाह की तिकड़मी राजनीति की हार

Thu, 10 Aug 2017 12:30 AM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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अहमद पटेल और अमित शाह - फोटो : Live Mint
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राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष की प्रतिद्वंदिता कोई नई बात नहीं है। लेकिन गुजरात से अहमद पटेल के राज्यसभा में चुनकर आने के बाद कांग्रेस के साथ-साथ पूरा विपक्ष फूले नहीं समा रहा है। जद(यू) के शरद यादव ने जहां अहमद पटेल को बधाई दी।
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वहीं, कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तिकड़मी राजनीति औंधे मुंह धराशाई हुई है। पार्टी के नेता राजबब्बर, कपिल सिब्बल, प्रमोद तिवारी फूले नहीं समा रहे हैं।

गुजरात से अहमद पटेल के राज्यसभा से चुनकर आने की रौनक मंगलवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चेहरे पर साफ देखी जा सकती थी। कांग्रेस के वरिष्ठ रणनीतिकार का मानना है कि इस चुनाव नतीजे का गुजरात के विधानसभा चुनाव पर अच्छा असर पड़ेगा।
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इससे कांग्रेस पार्टी में जहां भरपूर जान आ गई है। वहीं, पार्टी से अलग हुए शंकर सिंह बाघेला से अब काफी कम नुकसान होने की उम्मीद है। भाजपा सांसद भी मान रहे हैं कि गुजरात पर राज्य सभा चुनाव के नतीजे का असर पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस पार्टी के भीतर अहमद पटेल के गुट के आगे भी प्रभावी बने रहने की उम्मीद है।

शाह की रणनीति ने बढ़ाया रोमांच
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात से राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल को मात देने के लिए चौसर बिछायी थी। कांग्रेस के बागी शंकर सिंह बाघेला ने इसे और दिलचस्प बढ़ा दिया था। लेकिन कहते हैं सह और मात के खेल में भाग्य भी कभी कभी खेल कर जाता है।

टीम शाह और कांग्रेस के दो क्रास वोटिंग करने वाले विधायकों की चूक तथा इसे बाद भाजपा द्वारा इसे डैमेज कंट्रोल के क्रम में हाई वोल्टेज का रूप देने के बाद यह चुनाव ही इतिहास बन गया। खास बात यह रही बड़े समय बाद कांग्रेस के खाते में रोमांचक मुकाबले के बाद कोई अच्छी खबर आई है।

नीतिश के झटके से सदमे में थे नेता
कांग्रेस के नेता उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले नीतिश कुमार द्वारा महागठबंधन से अलग होने को लेकर सदमे में थे। कांग्रेस के साथ-साथ विपक्ष के भविष्य की राजनीति डगमगाने लगी थी। लेकिन गुजरात राज्यसभा चुनाव ने इसमें संजीवनी का काम कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे न केवल विपक्ष की एकता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि विपक्षी दल एकजुट होकर संयुक्त मोर्चा जैसा प्रयास भी तेज करेंगे।
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