अहमदिया मुस्लिम समाज द्वारा आयोजित ईद मिलन समारोह।
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मुस्लिम धर्म के एक प्रमुख वर्ग अहमदिया समुदाय के लोगों के द्वारा राजधानी दिल्ली में शनिवार को ईद मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के लोगों और कई देशों के राजदूतों ने हिस्सा लिया। अहमदिया समुदाय के प्रमुख लोगों ने अपील की कि दुनिया में शांति-सद्भाव लाने के लिए सभी धार्मिक वर्गों की भावनाओं का सम्मान किया जाए।
धार्मिक नेताओं ने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। एक छोटे से इलाके में भी अलग-अलग समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं। यह दर्शाता है कि भारतीय समाज आपस में मिलजुलकर रहना जानता है, जबकि दुनिया के कई हिस्सों में दो समुदाय के लोग भी एक साथ मिलकर नहीं रह पाते हैं।
अहमदिया समुदाय के दिल्ली प्रमुख फिरोज अहमद नईम ने कहा कि इस्लाम अपने पड़ोसियों के सुख-दुख को अपना समझने का आदेश देता है। ऐसे में हमें अपने आसपास रहने वाले सभी धर्मों के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और उनके दुख को अपना समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल इसी सोच को आगे रखकर दुनिया को शांति की तरफ आगे ले जाया जा सकता है।
भारतीय सर्वधर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक गोस्वामी सुशील जी महाराज ने कहा कि अहमदिया मुसलमान राम, कृष्ण, नानक और महावीर सबका सम्मान करते हैं। उनके जयकारे भी लगाते हैं, यही वह सोच है जो दुनिया को सांप्रदायिक तनाव को छोड़ आपस में एक दूसरे के करीब ला सकती है।