हाल ही में हुए गोरखपुर और फूलपुर उप-चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ हाथ मिलाने के बाद अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से हाथ मिलाने का निर्णय लिया है। सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के उपाध्यक्ष किरणमय नंदा को लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव से रांची में मिलने के लिए कहा है। इसके जरिए साल 2019 में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन बनाए जाने की तैयारी की जा रही है।
भाजपा को झटका देते हुए सपा और बसपा ने उप-चुनाव में जीत दर्ज की थी। लालू के साथ 24 मार्च को बैठक रिम्स अस्पताल या फिर बिरसा मुंडा जेल में हो सकती है। पिछले तीन दिनों से सीने में दर्द होने की वजह से लालू रिम्स में भर्ती हैं। सपा नेता नंदा ने कहा कि हमने जेल प्रशासन से पहले ही आज्ञा ले ली है। लालूजी से बैठक के बाद मैं तेजस्वी से मिलूंगा। यह एक शिष्टाचार मुलाकात होगी।
नंदा ने दावा किया कि आरजेडी ने हमेशा से ही सपा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा- लालूजी बिना किसी चुनावी हित के सपा के साथ खड़े रहे हैं और इससे पहले उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। मैं अखिलेश यादव की तरफ से विपक्षी एकता का संदेश लेकर जाऊंगा। केंद्र पर काबिज भाजपा सरकार देश को एक सवारी पर लेकर गई थी। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने किसानों की आय दोगुना करने और बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन उसने वह वादे नहीं निभाए हैं। पार्टियों के लिए यह समय एकजुट होने का है।