प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच सही ढंग से नहीं संभालने के आरोप में अपने जांच अधिकारी को हटा दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के ईडी कार्यालय से 26 जुलाई में भाग निकलने के बाद उक्त अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। पुरी अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आरोपी हैं। यह घटना उस वक्त हुई थी जब रतुल पुरी इस मामले में पूछताछ के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
अधिकारी अगस्ता वेस्टलैंड मामले की जांच से हटा दिया गया है। साथ ही उनसे रतुल मामले में घटी लापरवाही के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। ईडी कार्यालय से निकलने के अगले ही दिन पुरी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। उन्होंने बताया कि जांच से हटाए गए अधिकारी आयकर विभाग से ईडी में प्रतिनियुक्ति पर आए थे। रतुल के निकल भागने के चलते राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील मामले की जांच में देरी हुई। नए जांच अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है।