क्रिश्चियन मिशेल ने सीबीआई की विशेष अदालत में आवेदन कर अपने परिवार, दोस्तों और अपने वकीलों को अंतरराष्ट्रीय कॉल करने की अनुमति मांगी है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक से 14 जनवरी को रिपोर्ट देने को कहा है। मिशेल अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में एक बिचौलिया है और उसे पांच दिसंबर को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में याचिका देकर कहा कि मिशेल को दूसरे रक्षा सौदे में भी रकम मिली जिसकी जांच की जानी है। अदालत ने ईडी की याचिका मंजूर कर ली और मिशेल को 26 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे से जुड़े सीबीआई के मामले में उसे 27 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसे 22 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और तब से अदालती आदेश पर एजेंसी की हिरासत में था।
मिशेल को 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे के सिलसिले में भारत लाया गया है। यह सौदा यूपीए सरकार के समय हुआ था जिसके तहत 12 लग्जरी हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे जिनका इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीआईपी लोगों के लिए होना था।
क्रिश्चियन मिशेल उन इस सौदे में शामिल तीन बिचौलियों में से एक है। इसके अलावा ग्यूडो हैशके और कार्लो गेरोसा अन्य दो बिचौलिए हैं। मिशेल दुबई में अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में है और उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज रखा गया था।