ईडी का कहना है कि मिशेल से मुलाकात करने के लिए उनके वकील एल्जो जोसेफ जब ईडी दफ्तर पहुंचे तो मिशेल ने उन्हें चुपके से एक पर्ची थमा दी थी। जोसेफ जब मिलने के लिए वहां पहुंचे तो वे एक मोबाइल फोन अपने साथ लाए थे। वह फोन उसने फाइलों के नीचे दबा रखा था। जोसेफ ने नियमों के खिलाफ जाकर मिशेल के बहुत करीब होकर मुलाकात की। जब वह उससे मिल रहा था तो मिशेल ने एक कागज अपने वकील को दे दिया था। मौके पर मौजूद ईडी की डिप्टी डायरेक्टर रमनजीत कौर ने यह सब देख लिया था।
उन्होंने वकील से वह कागज ले लिया। उस पर मिसेज गांधी के नाम के साथ कई सवालों की फेहरिस्त थी। मिशेल ने एयरफोर्स के अधिकारियों के नाम, मंत्रालय के अफसर और अपने कई सहयोगियों (राल्फ गिडो हैस्के और कार्लो गेरोसा) के दस्तावेजों को पहचान लिया है। ईडी का कहना है कि उसने किन-किन बिचौलियों को कितना पैसा दिया था, अब सात दिन की पूछताछ के दौरान उनके नाम मिशेल से पूछे जाएंगे। साथ ही हवाला के ज़रिए पैसे का जो लेन-देन हुआ, वह भी पता लगाया जाएगा।