जमानत का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि इस हाई प्रोफाइल मामले में अभी भी जांच जारी है। मामले में जांच के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को न्यायालयों में एकत्र करने की आवश्यकता है, ऐसे में यह आशंका भी है कि आरोपी गवाहों या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर सकता है।
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने सर्वोच्च न्यायालय में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले के आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जमानत का विरोध किया। ईडी ने एक हलफनामा दाखिल करके कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले के आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल ने हिरासत में पूछताछ के दौरान अपने वकील के जरिए अपनी कानूनी पहुंच के गोपनीय कागजात देने की बात कही थी, हालांकि अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
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ईडी ने दी यह दलील
जमानत का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि इस हाई प्रोफाइल मामले में अभी भी जांच जारी है। मामले में जांच के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को न्यायालयों में एकत्र करने की आवश्यकता है, ऐसे में यह आशंका भी है कि आरोपी गवाहों या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर सकता है।
ईडी ने हलफनामे में कहा कि 'क्रिश्चियन मिशेल जेम्स ने अपनी हिरासत में पूछताछ के दौरान अपनी कंपनियों और समझौतों और अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों के बैंक विवरण देने की बात कही। ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेने के बाद उससे तिहाड़ जेल में भी पूछताछ की गई और उस दौरान भी उसने यही कहा कि वह अपने वकीलों की सहायता से दस्तावेज उपलब्ध कराए। हालांकि, आज तक कोई जानकारी प्रदान नहीं की गई है।
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मामले में मिशेल की भूमिका स्पष्ट
जांच एजेंसी ने पीठ को बताया कि मामले में मिशेल की भूमिका स्पष्ट है और उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध स्पष्ट रूप से बनता है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिकाओं पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया था।
भारत द्वारा दुबई में प्रत्यर्पण का मामला जीतने के बाद 2018 में क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को प्रत्यर्पित किया गया था। सौदे में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को यूएई से प्रत्यर्पित किया गया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। दुबई स्थित व्यवसायी राजीव सक्सेना को 31 जनवरी, 2019 को अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित 3,600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में भारत प्रत्यर्पित किया गया था।