मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मनी लांड्रिंग मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। अधिकारियों ने बताया कि पुरी मामले के जांच अधिकारी से पूर्वाह्न करीब 11 बजे मिले।
ऐसा माना जा रहा है कि पुरी का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया जाएगा। ईडी ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को जानकारी दी थी कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर धनशोधन मामले में पुरी को पूछताछ के लिए बुलाया है।
पुरी हिंदुस्तान पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। पुरी की मां नीता कमलनाथ की बहन हैं। ईडी ने बताया था कि पुरी को इस मामले के कथित बिचौलिये सुशेन मोहन गुप्ता का सामना कराने के लिए तलब किया गया है। अदालत ने गुप्ता की हिरासत में पूछताछ की अवधि बुधवार को तीन दिन के लिए बढ़ा दी थी।
गुप्ता की हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए ईडी ने अदालत से कहा था कि उसका इस मामले में पुरी सहित विभिन्न लोगों से आमना-सामना कराया जाना है। यह मामला अब रद्द हो चुके 3,600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़ा है।
बुधवार को जांच में शामिल होने के लिए तलब किए गए पुरी ने इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार कर दिया है। उनकी कंपनी ने अपने बयान में कहा था, ‘वह ईडी के साथ जांच में पूरी तरह से सहयोग करेंगे और जरूरत पड़ने पर कोई भी स्पष्टीकरण या जानकारी देंगे।’
वहीं उद्योगपति रतुल पुरी ने ईडी द्वारा अगस्ता वेस्टलैंड मामले में उन्हें बुलाए जाने पर कहा, 'मैं जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहा हूं। मेरा अगस्ता वेस्टलैंड या रक्षा (डिफेंस) से कोई लेना-देना नहीं है। मैं एक स्वतंत्र व्यवसाय करता हूं। मेरा किसी भी रिश्तेदार के साथ कोई व्यापारिक व्यवहार नहीं है।'