एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने कहा है कि आरोप साबित होने तक वह अगस्ता वेस्टलैंड डील में फंसे पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी के साथ खड़े हैं। 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे राहा के मुताबिक इस डील से संबंधित फैसले केलिए सिर्फ वायुसेना को दोषी ठहराना किसी भी लिहाज से उचित नहीं है।
लिहाजा एस पी त्यागी पर लगे आरोप जबतक अदालत में साबित नहीं हो जाते उन्हें उनका हक मिलते रहना चाहिए। राहा ने अगाह किया कि पूर्व प्रमुख त्यागी की गिरफ्तारी के दूरगामी परिणाम होंगे। हालांकि राहा ने यह भी साफ किया कि अगर त्यागी के खिलाफ लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें उनसे कोई सहानुभूति नहीं होगी।
बुधïवार को पत्रकारों से बातचीत में राहा ने थल सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को वरिष्ठता की अनदेखी कर उनसे जूनीयर अधिकारी को प्रमुख बनाए जाने पर भी सवाल खड़ा किया। राहा ने कहा कि ऐसे फैसले से जनरल के पद से समझौता होने का भान होता है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठतम अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी और सरकार के फैसले से जनरल बने विपिन रावत की योग्यता में कोई फर्क नहीं है। गौरतलब है कि रावत को जनरल बनाने के फैसले केबाद सरकारी तंत्र से यह सूचना निकली थी कि उन्हें सेना प्रमुख का पद काउंटर इंसरजेंगी और चीन सीमा के ठोस तजुर्बे के आधार पर दिया जा रहा है।
चर्चा है कि मीडिया में आई इस बात के बाद लेफ्टिनेंट जनरल बख्शी ने रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से हुई मुलाकात में गंभीर आपत्ति जताई थी।