मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और कारोबारी रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड धनशोधन मामले में आत्मसमर्पण करने की अनुमति के लिए दिल्ली की अदालत पहुंचे। अगस्ता वेस्टलैंड धनशोधन मामले को लेकर बिजनेसमैन रतुल पुरी ने कहा कि वह केंद्रीय जांच ब्यूरो के सामने आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। मोजर बेयर बैंक धोखाधड़ी मामले में वह पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में है।
बता दें रतुल पुरी 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच के दायरे में हैं। लेकिन अभी ईडी ने उन्हें बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने अदालत में ये बात भी कही थी रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड के मामले में जांच से बच रहे हैं। हालांकि पुरी ने अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
जांच एजेंसी ने पुरी की इस याचिका का विरोध कर कहा था कि उसने कई बार पुरी को बुलाया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। पुरी के वकील विजय अग्रवाल ने दावा किया था कि पुरी जांच में सहयोग करना चाहते हैं लेकिन एजेंसी उनके प्रति निष्पक्ष नहीं रही है।
अग्रवाल ने बाताया, "वो ईडी के साथ जांच में शामिल होना चाहते हैं लेकिन ईडी ने उन्हें ईमेल भेज दोपहर एक बजे बुलाया, जो कि ठीक नहीं है। कोई व्यक्ति इतने कम समय के नोटिस में जांच में कैसे शामिल हो सकता है।