एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कृषि मंत्री कोकाटे विधानसभा में बैठे मोबाइल में 'रमी' गेम खेल रहे थे। इसे लेकर विपक्ष ने कोकाटे को घेरा था।
महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान रमी खेलने के आरोपों का सामना कर रहे मंत्री माणिकराव कोकाटे की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने उनसे कृषि विभाग वापस ले लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) इसे लेकर जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वर्तमान खेल मंत्री और एनसीपी नेता दत्तात्रेय भरणे को उनकी जगह नया कृषि मंत्री बनाया गया है। वहीं, कोकाटे को खेल और युवा कल्याण मंत्री बनाया गया है। साथ ही वे अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभागों के भी प्रभारी होंगे।
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कैसे शुरू हुआ था रमी विवाद
बता दें कि ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब बीते रविवार को एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कोकाटे विधान परिषद में बैठे मोबाइल में व्यस्त दिख रहे हैं। अगले दिन विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भी दो वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि कोकाटे 'रमी' गेम खेल रहे थे। इसके बाद विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर दी। हालांकि, कोकाटे ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा था कि उन्हें रमी खेलना आता ही नहीं और यह एक साजिश है उन्हें बदनाम करने की।
सुप्रिया सुले सहित कई अन्य नेताओं ने की है इस्तीफे की मांग
गौरतलब है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए रोहित पवार ने भाजपा और एनसीपी (अजित गुट) पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि राज्य में रोजाना आठ किसान आत्महत्या कर रहे हैं, कृषि से जुड़े कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं, लेकिन कृषि मंत्री के पास कोई काम नहीं है, इसलिए वे रमी खेल रहे हैं। एनसीपी सत्ताधारी गुट भाजपा से पूछे बिना कोई निर्णय नहीं ले सकता। इसके साथ ही उन्होंने कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे की मांग की थी। उनके अलावा, सुप्रिया सुले सहित कई अन्य नेताओं ने भी माणिकराव कोकाटे की आलोचना की थी और इस्तीफे की मांग की थी। सुले ने उनपर तंज कसते हुए कहा था कि रमी वीडियो और कई अन्य घटनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र को बदनाम किया है। संसद में हर कोई इस ताश खेलने के मामले के बारे में पूछ रहा था। कोकाटे को नैतिक आधार पर तुरंत पद छोड़ देना चाहिए था, लेकिन इन लोगों को इस्तीफा देने के लिए कहना होगा। जब तक दिल्ली से हस्तक्षेप नहीं होता, कोई भी इस्तीफा नहीं देता।
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माणिकराव कोकाटे ने दी थी सफाई
वहीं मामले में विवाद बढ़ने पर मंत्री माणिकराव कोकाटे ने सफाई दी थी कि जब विधान परिषद (ऊपरी सदन) की कार्यवाही स्थगित हुई थी, तब उन्होंने मोबाइल पर निचले सदन की कार्यवाही समझने के लिए यूट्यूब खोलने की कोशिश की थी। उसी समय मोबाइल में पहले से डाउनलोड हुआ एक गेम 5 से 10 सेकंड के लिए पॉप-अप हो गया, जिसे वे बंद कर रहे थे। हालांकि विपक्ष मंत्री की इस सफाई से संतुष्ट नहीं है और लगातार सरकार की आलोचना कर रहा है। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है।