कृषि मंत्री ने कहा कि इस साल विश्व खाद्य दिवस मनाने का उद्देश्य 2030 तक जीरो हंगर के लक्ष्य को प्राप्त करना है। साथ ही कहा कि 2017-18 में चौथे अग्रिम आकलन के अनुसार, खाद्यान्न उत्पादन 284.83 मिलियन टन है, जो कि 2013-14 में हासिल उत्पादन 265.04 मिलियन टन के मुकाबले 20 मिलियन टन ज्यादा है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, बागवानी उत्पादन के मामले में भारत विश्व में पहले स्थान पर है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन को बढ़ाने में उन्नत किस्मों की बीजों और आधुनिक तकनीकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। 2010-2014 की अवधि में जहां उन्नत बीजों की 448 किस्में खेती के लिए जारी की गई थी, वहीं 2014-2018 में 795 किस्में जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि कुपोषण का निवारण करने के लिए पिछले साढ़े चार सालों में आईसीएआर ने फसलों की ऐसी 20 किस्मों का विकास किया है। इनमें पोषक तत्वों की मात्रा सामान्य से काफी अधिक है।