केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में अपने जवाब मे स्पष्ट किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर किसानों की उपज की खरीद हो रही है और होती रहेगी।
उन्होंने सदन में कहा कि राज्यसभा में ऐसी उम्मीद थी कि विधेयक पर कुछ सुधार ऐसे आएंगे जिस पर सरकार विचार करने को बाध्य होगी। सरकार के लिए राजनीतिक भाषण का जवाब देना आसान है। सदस्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जो बात कही है उसका हृदय से आभार और धन्यवाद।
तोमर ने कहा कि जब कोविड में दुनिया घरों पर थी तब किसान खेत में पसीना बहाकर हमारे लिए बंपर फसल की पैदावार में जुटा था। यही कारण है कि जीडीपी में कृषि क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि अगर कृषि क्षेत्र में एकांगी विचार होगा तो किसानों का भला नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 को जब काम संभाला तो कहा कि सरकार किसान की आय दोगुनी करने का प्रयत्न करेगी। राज्य सरकारों और किसानों के साथ काम करेगी।
तोमर ने कहा कि किसानों की आय सिर्फ ये विधेयक ही दोगुना नहीं करेंगे। बीते छह साल में बहुत से प्रयास किए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर लोकसभा में भी शंका व्यक्त की गई। वहां भी आश्वस्त किया कि उसका इस विधेयक से कुछ लेना नहीं है। मंडियों में एमएसपी से खरीद हो रही थी होती रहेगी। एमएसपी को लेकर पीएम की नीयत स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप है।
इसमें एक सिफारिश किसान की लागत में 50 प्रतिशत जो?कर एमएसपी घोषित करने की थी। यूपीए की सरकार ने दस साल में इसे स्वीकार नहीं किया। जबकि पीएम के निर्देश पर बीते कुछ सालों के एमएसपी की दरें लगातार ब? रही हैं। उन्होंने गेंहू, धान, चना आदि की एमएसपी बताना शुरू ही किया था कि इसी बीच सदन का समय पूरा हो गया।
मंत्री अपनी बात पूरी करते हंगामा शुरू हो गया। बाद में भी वे अपने जवाब पूरा नहीं कर सके। सुबह विधेयक पेश करते समय तोमर ने कहा कि अभी तक देश के सबसे बड़े उत्पादनकर्ता को मनचाही कीमत पर अपना उत्पाद बेचने की स्वतंत्रता नहीं थी। उसे विधेयक के माध्यम से दूसरा विकल्प मिलेगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। तीन दिन में उसे उपज का भुगतान होगा और अभूतपूर्व बदलाव आएगा। उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार में भी ऐसे बदलाव के प्रस्ताव की बात कही।
एमएसपी को लेकर कांग्रेस ने दी चुनौती
कांग्रेस का कहना है मोदी सरकार बार बार एमएसपी को खत्म न करने की बात कह रही है लेकिन कृषि कानून में इसका जिक्र नहीं कर रही है।
महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी जी, राजनाथ जी, और नरेंद्र तोमर जी को चुनौती है। एमएसपी पर झूठ बोलना बंद करें। देश को बरगलाए नहीं। क्या अब कानून में लिखने को तैयार हैं कि किसान को एमएसपी देना अनिवार्य होगा। क्या अगर किसान को एमएसपी नहीं मिलेगा तो सरकार इसे देने की गारंटी लेगी। क्या एमएसपी न देने वाली कंपनी को सजा का प्रावधान होगा।