विदेशों से चंदा हासिल करने वाले भारतीय संगठनों को एफसीआरए के तहत अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होता है। साथ ही विदेश से धन प्राप्त करने के लिए उन्हें नई दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक की निर्धारित शाखा में खाता भी खुलवाना होता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र की 117 एजेंसियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों को सख्त विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम, (एफसीआरए) 2010 के दायरे से बाहर कर दिया है। इसका मतलब है कि अब ये एजेंसियां और संगठन बिना किसी रोकटोक के भारतीय संस्थाओं को चंदा दे सकेंगे।
विज्ञापन
विदेशों से चंदा हासिल करने वाले भारतीय संगठनों को एफसीआरए के तहत अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होता है। साथ ही विदेश से धन प्राप्त करने के लिए उन्हें नई दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक की निर्धारित शाखा में खाता भी खुलवाना होता है। गृह मंत्रालय के दस्तावेज के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के जिन निकायों और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों को एफसीआरए के दायरे से बाहर रखा गया है, उनमें संयुक्त प्रणाली सचिवालय, आंतरिक निरीक्षण सेवा कार्यालय, राजनीतिक मामलात विभाग, शांति स्थापना संचालन विभाग, महासभा मामलों और सम्मेलन सेवाओं का विभाग शामिल है। इसके अलावा जेनेवा, वियना और नैरोबी स्थित संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय, यूनिसेफ, एचआईवी/एड्स पर साझा संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम इत्यादि को भी छूट के दायरे में रखा गया है।