पुलिस ने बताया कि अर्गला ग्राम पंचायत क्षेत्र के इन 65 लोगों की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। इन लोगों ने स्कूल प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर फरवरी से अगस्त तक वृद्धावस्था पेंशन ली। यह दस्तावेज बाद में फर्जी पाए गए। पुलिस ने 65 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
ओडिशा में वृद्धावस्था पेंशन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य के केंद्रपाड़ा जिले में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु प्रमाण पत्र में हेरफेर किया। पुलिस ने 65 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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पुलिस ने बताया कि अर्गला ग्राम पंचायत क्षेत्र के इन 65 लोगों की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। इन लोगों ने स्कूल प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर फरवरी से अगस्त तक वृद्धावस्था पेंशन ली। यह दस्तावेज बाद में फर्जी पाए गए। मामले में औल ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) मिनती जगदेब ने कहा कि सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। औल पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक सब्यसाची सतपथी ने कहा कि मामले की जांच जारी है।
यह है सरकार की योजना
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना और ओडिशा सरकार की मधु बाबू पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, विधवाओं, एड्स रोगियों और विकलांग व्यक्तियों को पेंशन दी जाती है। निर्देशों के मुताबिक ग्राम पंचायतें और पंचायत समितियां पेंशनभोगी की मृत्यु के मामले की रिपोर्ट संबंधित बीडीओ या उप-कलेक्टर को देती हैं। वहीं पेंशनभोगियों के जीवित होने की जानकारी के लिए उनका वार्षिक सत्यापन सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाता है। अधिकारियों ने कहा कि पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद पेंशन का भुगतान बंद हो जाता है।
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रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई ने आईएएस अधिकारी को तलब किया
सीबीआई ने रिश्वतखोरी मामले की जांच के दौरान ओडिशा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बिष्णुपद सेठी को तलब किया। सीबीआई ने अधिकारी के चालकों से पूछताछ की। आईएएस अधिकारी के दो चालकों ने सीबीआई कार्यालय में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। एक चालक नृसिंह सतपथी ने कहा कि मुझसे सेठी की गतिविधियों के बारे में पूछा गया कि वह सात दिसंबर को किससे मिले और किन स्थानों पर गए। मुझे जो कुछ भी पता था मैंने बता दिया। सीबीआई की जांच वाले किसी भी मामले में व्यक्तिगत रूप से मेरी कोई भागीदारी नहीं है।