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लो... फिर करो, सीपीएमटी की तैयारी

Sat, 21 May 2016 03:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
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 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई दिनों से नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) की तैयारी करने वालों को शुक्रवार को फिर झटका लगा। कैबिनेट के फैसले के बाद इसको लेकर चल रही उठापटक समाप्त हो गई। अब यूपी के छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सीपीएमटी की तैयारी करनी होगी। सीपीएमटी के जरिए ही एलोपैथिक के साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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नीट होने को लेकर छात्र लगातार उहापोह की स्थिति में थे। आखिर उन्हें किस पैटर्न से परीक्षा देनी होगी। उनके मन में तमाम चिंताएं फैली हुईं थीं, हालांकि अच्छी बात यह थी कि उन्हें कई परीक्षाओं की बजाय देश भर के लिए एक ही परीक्षा देनी पड़ती, लेकिन केंद्र सरकार ने देश भर के छात्रों में होने वाली भाषागत समस्या को देखते हुए नीट को एक साल के लिए टाल दिया है।

इसके चलते प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सरकार को सीपीएमटी-2016 करवाना ही होगा। प्रदेश सरकार ने इस बार सीपीएमटी-2016 कराने की जिम्मेदारी डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद को सौंपी थी, अगर नीट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आता तो 17 मई को सीपीएमटी-2016 हो भी जाता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते यह मामला लटका रहा। केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब सीपीएमटी कराने के लिए फैजाबाद विवि को फिर से नई तिथि घोषित करनी होगी।
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इसी के साथ होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अलग से होने वाली प्रवेश परीक्षा पर भी विराम लग गया है। अब इन चिकित्सा विधाओं के कॉलेजों में भी इसी परीक्षा के जरिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। प्रदेश में एलोपैथिक के 12, होम्योपैथिक के सात, आयुर्वेदिक के सात (फिलहाल दो की मान्यता) और यूनानी के दो मेडिकल कॉलेज हैं, जिनके लिए सीपीएमटी कराई जाती है। राजकीय पीजी कॉलेज हंडिया के असिस्टेंट प्रोफेसर एके वर्मा कहते हैं कि तैयारी कर रहे छात्रों को अपनी किताबें दोहरानी शुरू कर देनी चाहिए।
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