सु्प्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित ढांचे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मुद्दे को आपसी बातचीत से सुलझायें तो ज्यादा बेहतर होगा। सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि हम राम मंदिर के मामले को सुलझाने के लिए तैयार है साथ ही इस मामले में समझौता करने को भी तैयार है।
उन्होंने कहा कि वहां पर राम मंदिर पहले से ही था, इसलिए राम मंदिर वहीं बनना चाहिए। मस्जिद कहीं पर भी बनाई जा सकती है। मुस्लिम सरयू नदी के पार भी मस्जिद बना सकते है। मुस्लामान सड़क पर भी नमाज पढ़ सकते है।
इसलिए मुस्लिम समुदाय इस सुझाव को माने, तो अच्छा होगा। वहीं इस पर आरएसएस नेता राकेश सिन्हा ने भी सुब्रमण्यम स्वामी के बयान का समर्थन करते हुए कहना कि अयोध्या में राम मंदिर पहले से ही था। इसलिए वहां राम मंदिर बनना ही चाहिए। मस्जिद का निर्माण नहीं होना चाहिए।
लेफ्ट पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया देते हुए सीताराम येचुरी ने कहा कि जब यह मामला बातचीत से नहीं सुलझ पाया था तभी यह कोर्ट में गया था।