अगले वर्ष लगने वाले कुंभ मेले के बाद इलाहाबाद-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी। यह संभव होगा इस रूट के विद्युतीकरण होने से। केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) की ओर से इस रूट के बचे हुए रेलखंडों पर मार्च 2019 तक रेल विद्युतीकरण पूरा करने का दावा किया है। इसके बाद संबंधित रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
इससे ट्रेनों की स्पीड में भी इजाफा होगा। साथ ही संबंधित रूट पर ट्रेनें पहले के बजाय इलाहाबाद से मुंबई पहुंचने में कम समय लेगी। इलाहाबाद से मुंबई की कुल दूरी 1350 किलोमीटर के आसपास है। इस रूट के इटारसी-मुंबई रेलखंड का कई वर्ष पूर्व ही रेल विद्युतीकरण का काम हो चुका है।
इस वजह से इलाहाबाद से मुंबई जाने वाली तमाम ट्रेनों में इटारसी में डीजल की जगह इलेक्ट्रिक इंजन लगाए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर इटारसी-इलाहाबाद के तकरीबन 610 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक के कुछ रेलखंडों पर ही अब रेल विद्युतीकरण का काम शेष रह गया है।
पिछले माह के आखिरी सप्ताह में इलाहाबाद से मानिकपुर के सौ किलोमीटर लंबे रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों की शुरूआत हो गई है। अब जबलपुर-कटनी और कटनी-सतना-मानिकपुर के बीच ही यह काम चल रहा है।
कोर की ओर से जबलपुर से कटनी के बीच अगले दो माह में रेल विद्युतीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि कटनी-सतना-मानिकपुर रेलखंड के विद्युतीकरण किए जाने काम मार्च 2019 तक पूरा किए जाने की बात कही गई है।
इसके बाद इलाहाबाद-मुंबई रेलखंड इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों की शुरूआत हो जाएगी। इसके बाद संबंधित रूट पर चलने वाली ट्रेनों की जहां एक ओर स्पीड बढ़ेगी तो वहीं दूसरी ओर मुंबई पहुंचने में ट्रेनों के समय में एक से दो घंटे पहले वहां पहुंच जाएंगी। इलाहाबाद कोर सीपीआरओ डीके श्रीवास्तव ने कहा, ‘कोर की ओर से संबंधित रेलखंड पर तेजी से काम किया जा रहा है। मार्च 2019 तक इस रूट का पूर्ण रूप से विद्युतीकरण हो जाएगा।’