महाराष्ट्र सरकार के बड़े पैमाने पर किसानों के कर्ज माफी के बाद सरकार ने एक और सराहनीय कदम उठाया है। फड़नवीस सरकार ने रविवार को कर्ज माफी के साथ-साथ किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रु के फंड की घोषणा की है। पिछले दिनों ही महाराष्ट्र के गरीब किसानों का तकरीबन 4 लाख करोड़ का कर्ज माफ किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, बड़े स्तर पर कर्ज माफ करने के चलते सरकार पर 32 हजार करोड़ रुपये का बोझ आ गया है। वरिष्ठ मंत्रियों का समूह इस बात को लेकर चर्चा कर रहा है कि किसानों के साथ कर्ज माफी वाले किसान को भी आने वाले पांच सालों के लिए बैंक लोन की सुविधा देगा जिससे ये बोझ प्रत्येक साल के लिए 6 हजार करोड़ का बैठेगा।
वहीं, समूह के एक मंत्री के अनुसार, सरकार बैंक को भविष्य के लिए बॉन्ड्स के रुप में गारन्टी देगी। उन्होंने दावा किया कि देश के कई निजी और सरकारी बैंकों ने इस पर सहमति भी जताई है। बता दें कि सरकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस समूह का गठन किसानों की पैसों की समस्याओं को सुलझाने के लिए किया है।
दरअसल, मुंबई में पट्टे पर संपत्ति और इसके उपनगरों से सरकार को आय में अधिक मुनाफा होने वाला है जिसके चलते सरकार के पास पैसों की भी कमी नहीं रहेगी। खबर है कि पिछले साल बड़े स्रोतों से कम जमा के चलते महाराष्ट्र सरकार को 14 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हुआ था। वहीं, नोटबंदी के दौरान भी भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर के दायरे में शराब बेचने पर भी रोक लगा दी थी जिसकी वजह से भी सरकारी जमा पर खासा प्रभाव पड़ा था।
गृह विभाग ने पुलिस से आज्ञा लेने पर भी ज्यादा फीस वसूलने का प्रस्ताव पारित किया है। वहीं, वित्तिय विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राजस्व विभाग भी अचल संपत्ति से भी ज्यादा से ज्यादा पैसा जुटाने की कोशिश में लगी हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में लगने वाला पैसा फंड को प्रभावित न करे इसके लिए विभिन्न तरह के स्रोतों के जरिए इस समस्या को भी सुलझाया जाएगा ताकि राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स पर ध्यानपूर्वक पैसा खर्च किया जाए।