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घमासान के बाद सक्रिय हुईं सोनिया एक साथ तीन राज्यों के नेताओं से मिलीं, बदल सकती हैं प्रदेश अध्यक्ष

Sat, 31 Aug 2019 05:20 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • प्रदेशाध्यक्ष को लेकर जल्द कर सकती हैं फैसला
  • हुड्डा को सीईसी का सदस्य बनाकर मनाया जा सकता है
  • सोनिया तीनों राज्यों में जल्द फैसला कर देना चाहती हैं
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सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरियाणा, मध्यप्रदेश और चुनावी राज्य दिल्ली में नए अध्यक्ष को लेकर मची घमासान के बाद कांग्रेस की अतंरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी जबरदस्त सक्रिय हो गई हैं। शुक्रवार को उन्होंने तीनों राज्यों के नेताओं से बातचीत की। बताया जा रहा है कि  सोनिया तीनों राज्यों में जल्द फैसला कर देना चाहती हैं। 
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हरियाणा में पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा के अड़े रहने से शुक्रवार को भी कोई फैसला नहीं हो सका। मामला उलझता देख अब खुद सोनिया राज्य के नेताओं से मिलकर उनकी राय जान रही हैं। राज्य कांग्रेस दल की नेता किरण चौधरी भी दस जनपथ पहुंची और उन्होंने पसंद-नापसंद बताई। 

सूत्रों की मानें तो हुड्डा को केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य बनाकर मनाया जा सकता है। हुड्डा चाहते हैं कि टिकट बंटवारे में उनकी अहमियत रहे। प्रदेशाध्यक्ष के लिए कुमारी शैलजा के नाम पर लगभग सभी तैयार दिख रहे हैं जबकि दीपेंद्र हुड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर संतुष्ट किया जा सकता है। दो अन्य कार्यकारी अध्यक्षों में कैप्टन अजय यादव और कुलदीप शर्मा का नाम भी प्रमुखता से चल रहा है।
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उधर, मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य की नाराजगी की खबर के बाद से पार्टी नेतृत्व सक्रिय है और जल्द फैसला करने के मूड में है। सोनिया ने सीएम कमलनाथ को बुलाकर बातचीत की है जबकि दिग्विजय सिंह को मिलने का समय अभी नहीं मिला है। मध्यप्रदेश कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर तीन गुटों में बंटी दिख रही है। 

अचानक से मीनाक्षी नटराजन भी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दिख रही हैं। सोनिया से मिलकर आए सीएम कमलनाथ का कहना है कि मैंने तो पहले ही अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश कर दी है। राज्य को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। उन्होंने सिंधिया के नाराज होने की अटकलों को गलत बताया।

दिल्ली को लेकर भी पार्टी कोई फैसला नहीं कर पा रही है। नेतृत्व वरिष्ठ नेता को अध्यक्ष बनाना चाहता है ताकि उसके नेतृत्व में तीन कार्यकारी अध्यक्ष काम करें। वहीं, पार्टी के भीतर भाजपा को टक्कर देने के लिए युवा अध्यक्ष की मांग उठ रही है। इसके चलते सोनिया ने डॉ अशोक कुमार वालिया और पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली से बात की। पूर्व अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ योगानंद शास्त्री के नाम पर भी रायशुमारी की जा रही है। 
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