विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बाद अब पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखे जाने से संबंधित कार्यक्रम केलिए पाकिस्तान की ओर से आए न्यौते से किनारा कर लिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को लिखे पत्र में सीएम ने सीमा पर फायरिंग के कारण भारतीय जवानों की मौत और पंजाब को आईएसआई के जरिए अस्थिर करने की कोशिशों का हवाला देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने से असमर्थता जता दी।
सीमा पर जवानों के शहीद होने और पंजाब में आईएसआई की साजिश का दिया हवाला
इससे पहले सुषमा ने कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए अपनी जगह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप पुरी को भेजने की घोषणा की। हालांकि पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्घू ने पाकिस्तान का निमंत्रण स्वीकार कर लिया। कुरैशी को लिखे पत्र में सीएम अमरिंदर ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया। हालांकि उन्होंने कार्यक्रम में खुद के शामिल न होने को ले कर खेद जताया है। उन्होंने पत्र में पाकिस्तान न जाने के दो कारण बताए।
करतारपुर गलियारे के आधारशिला कार्यक्रम के लिए कुरैशी ने दिया था निमंत्रण
उन्होंने लिखा कि ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब जम्मू कश्मीर स्थित दोनों देशों की सीमा पर भारतीय जवान शहीद नहीं होते। इसके अलावा सीएम ने अमृतसर की हालिया घटना का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर पंजाब को लगातार अस्थिर करने का आरोप लगाया। कैप्टन ने कहा कि उनके सीएम बनने के बाद पंजाब में आईएसआई के 19 मॉड्यूल्स का पता चला। इनसे बरामद हथियार भी पाकिस्तान निर्मित थे। उन्होंने कहा कि करतारपुर साबिह जा कर प्रार्थना करना उनका सपना है। भविष्य में ंदुश्मनी खत्म होने और हालात सामान्य हो पर वह वहां जरूर जाएंगे।