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Stray Dog: सुप्रीम कोर्ट के बाद मद्रास हाईकोर्ट भी आवारा कुत्तों पर दे सकता है सख्त आदेश, सुनवाई में दिए संकेत

Wed, 13 Aug 2025 08:57 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै

सार

च्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर हुई हैं, जिनमें से कुछ आवारा कुत्तों, सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं और मंदिरों में कुत्तों द्वारा श्रद्धालुओं पर हमले के संबंध में हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने जो डेटा उच्च न्यायालय में पेश किया, वह बेहद डराने वाला है।
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मद्रास हाईकोर्ट - फोटो : एक्स (ट्विटर)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए सख्त आदेश जारी किए। यह मामला देशभर में चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। अब मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने भी संकेत दिए हैं कि वे भी आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए कोई अहम आदेश दे सकती है। 
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आवारा कुत्तों के काटने के मामले चौंकाने वाले
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने मंगलवार को ऐसे संकेत दिए कि वे राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर दिए गए निर्देश लागू करने के लिए कह सकती है। उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर हुई हैं, जिनमें से कुछ आवारा कुत्तों, सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं और मंदिरों में कुत्तों द्वारा श्रद्धालुओं पर हमले के संबंध में हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने जो डेटा उच्च न्यायालय में पेश किया, वह बेहद डराने वाला है। दावा किया गया है कि तमिलनाडु में कुत्तों के काटने के इस साल ही 3.67 लाख मामले सामने आए हैं, जिनमें से 20 लोगों की रेबीज की वजह से मौत हुई है। 

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दिशा-निर्देशों पर मिल रहीं मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए दिशा-निर्देशों का विस्तृत अध्ययन करेंगे और उसके बाद संयुक्त आदेश जारी करेंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ पशु कल्याण कार्यकर्ताओं ने देश में जानवरों को रखने के लिए आश्रय स्थलों की कमी, कार्यबल और जानवरों के विशेषज्ञों की कमी पर चिंता जताई और कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों से निपटना आसान नहीं है। पशु कल्याण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुत्तों को भी इस दुनिया में जीने का अधिकार है। उन्होंने चिंता जताई कि आश्रय स्थल में रखने से कुत्ते भूख-प्यास से मर जाएंगे। पशु कल्याण कार्यकर्ताओं का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उनकी नसबंदी और टीकाकरण का अभियान चलाने की जरूरत है। 

वहीं कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हिंसक होने के चलते इस मामले में सख्त कार्रवाई की जरूरत है। इन लोगों का कहना है कि आज के समय में कुत्ते के काटने से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश

 
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