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भगवा परिवार को 'पद्मावती' का खटका, विरोध के स्वर हुए तेज

Fri, 10 Nov 2017 11:15 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
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दीपिका पादुकोण
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फिल्म पद्मावती के विरोध को सर्वोच्च न्यायालय से झटका लगने के बाद मामला भगवा परिवार को खटक गया है। मामले की सियासी गहराई को देखते हुए भगवा परिवार ने इसका विरोध तेज कर दिया है।
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न्यायालय के हाथ खिंचने के बाद भगवा परिवार के संगठन विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने न सिर्फ विरोध जताया है बल्कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से फिल्म का प्रदर्शन रोकने की मांग की है। बताया जा रहा है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भगवा परिवार की ओर से पद्मावती का विरोध तेज होगा। अब तक चंद लोग ही इस फिल्म का विरोध कर रहे थे। मगर अब संघ के संगठनों की आवाज मुखर होगी। 

पद्मावती के जरिए राजपूत मतों पर है नजर 
गुजरात चुनाव के ऐन मौके पर शुरू हुए पद्मावती के विवाद को भगवा परिवार यूं ही हाथ से जाने देने के मूड में नहीं है। गुजरात चुनाव में राजपूत बिरादरी के मतों की संख्या करीब 5 प्रतिशत बताई जाती है। परंपरागत रूप से गुजरात के राजपूत कांग्रेस के समर्थक माने जाते हैं।
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भाजपा के खिलाफ पटेलों की नाराजगी को देखते हुए भगवा परिवार उससे होने वाले खामियाजे की भरपाई में जुट गया है। इसलिए सीधे भाजपा के बजाय भगवा परिवार ने पद्मावती के विरोध पर रूख तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि संघ की ओर से आने वाले दिनों में केंद्र सरकार से भी आग्रह होगा कि वह पद्मावती फिल्म के मामले में हस्तक्षेप करे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कह चुकी हैं कि फिल्म सेंसर बोर्ड पद्मावती के मामले में अपना काम निष्पक्ष करेगा।

लेकिन सरकार पर संघ की ओर से दबाव बढ़ने की उम्मीद है। राजपूतों का मामला केवल गुजरात चुनाव के लिए ही अहम नहीं है। बल्कि पद्मावती का भरपूर विरोध कर संघ परिवार की रणनीति राजस्थान के राजपूतों को भी साधने की है।

यहां भी वसुंधरा राजे की कम हो रही चमक भाजपा और संघ के लिए चिंता का सबब बनी हुई हैं। अगले वर्ष यहां राज्य विधानसभा के चुनाव होते हैं। यही वजह है कि संघ ने अपने संगठनों को गुजरात और राजस्थान में विशेष रूप से पद्मावती के विरोध के निर्देश दिए हैं। 
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पद्मावती को प्रदर्षित ना करने की मांग

फिल्म पद्मावती के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से जयपुर में विरोध—प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन के नेताओं ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को ज्ञापन के जरिए फिल्म का प्रदर्शन रोकने की मांग की है।

बजरंग दल के राजस्थान संयोजक अशोक सिंह राजावत का मामले में कहना है कि राजस्थान वीर वीरांगनाओं की धरती है, यहां पर वीर महिलाओं ने अपने सतीत्व की रक्षा की खातिर जौहर किये है लेकिन फिल्मकार संजय लीला भंसाली द्वारा रानी सती पद्मावती के जीवन पर आधारित फिल्म ’पद्मावती’ में इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर प्रदर्शित किया जा रहा है तथा रानी सती पद्मावती का अपमानित चरित्र चित्रण दिखाया गया है। जिससे सम्पूर्ण हिन्दू समाज की भावनायें आहत हुई है।

बजरंग दल का कहना है कि पद्मावती के चरित्र से छेडछाड़ राजस्थान की महान संस्कृति और भारत भूमि का अपमान है। ऐसी फिल्मों के माध्यम से हिन्दू समाज को नीचा दिखाने का प्रयत्न हो रहा है। वहीं राजपूत सभा के महामंत्री बलबीर सिंह हाथौज का कहना है कि रानी सती पद्मावती ने अपने कुल की मर्यादा की रक्षा के लिये जीते जी स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया।

जिस माता पद्मावती ने अपना जीवन देकर चितौड़ के इतिहास में अपनी गौरवशाली उपस्थिति दर्ज कराई। उन्हें आक्रान्त अलाउद्दीन के साथ दिखाने का दु:साहस किया जा रहा है। यह कदम जौहर की ज्वाला का अपमान करना तथा हिन्दू समाज के संघर्ष को गाली देना है। 

तो विश्वहिन्दू परिषद का कहना है कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज इस फिल्म को प्रदर्शित करने के सख्त खिलाफ है तथा इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगनी चाहिए। इस बीच करनी समाज के अध्यक्ष अपनी पूरी टीम लेकर अहमदाबाद में डेरा डाले हुए हैं। वे यहां पद्मावती के विरोध को लेकर राजपूतों का एक बडा सम्मेलन करने की तैयारी में हैं। हालांकि राज्य के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह बाघेला भी पद्मावती फिल्म का विरोध कर चुके हैं। अब भगवा परिवार की सक्रियता के बाद आने वाले दिनों में पद्मावती के विरोध में जोरदार तेजी दिखेगी। 
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