रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के दोबारा ताजपोशी की राह में रोड़े बोने के बाद भाजपा नेता सुब्रमणयम स्वामी अब प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहाकार और वरिष्ठ अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमणयम के पीछे पड़ गए हैं।
बुधवार सुबह एक के बाद एक कई ट्वीट कर स्वामी ने अरविंद सुब्रमणयम की योग्यता और निष्ठा पर सवाल खड़े किए। रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के बाद स्वामी ने अब अरविंद सुब्रमणयम को भी पद से हटाने की मांग कर दी है।
खास बात ये है कि रिजर्व बैंक के गर्वनर रघुराम राजन के खिलाफ लंबे समय तक मोर्चा खोले रखने वाले सुब्रमणयम स्वामी ने जिस तरह उनकी निष्ठा और योग्यता पर सवाल उठाया तो कुछ उसी अंदाज में उन्होंने अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ मोर्चा खोला है।
बता दें कि रघुराम राजन के खिलाफ स्वामी ने भारत के हितों से खेलने के अलावा आरोप लगाया था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश में असहिष्णुता का मुद्दा उठाकर भारत का अपमान किया था। इसके अलावा उन्होंने वाशिंगटन में भारत की आर्थिक वृद्िध दर को अंधों में काना राजा भी कहा था।
स्वामी की इस मोर्चाबंदी का ही असर रहा कि राजन के प्रति सरकार का रवैया भी उपेक्षापूर्ण होता गया, नतीजतन राजन ने खुद ही दूसरे कार्यकाल के लिए अनिच्छा जता दी। राजन मुद्दे से उत्साहित स्वामी ने अब इसी अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नियुक्त किए गए मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणयम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
Modi’s chief economic adviser Arvind Subramanian had opposed India on IPR till recently https://t.co/G98SdrI2Ek via @timesofindia
— Subramanian Swamy (@Swamy39) June 22, 2016