केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं गणित और 12वीं अर्थशास्त्र की परीक्षा फिर से कराने का फैसला लिया है। वहीं पेपर लीक मामले में फजीहत झेलने के बाद सीबीएसई की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। वहीं लीक प्रूफ परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को अगले साल से लागू करने की मंजूरी दी है।
वहीं मानव संसाधन मंत्रालय और सीबीएसई के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में पेपर लीक मामले को संजीदगी से लेते हुए मजबूत प्रणाली बनाने की बात कही है। अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक में पेपर को फुल प्रूफ करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कोड पर भी विचार कर रही है। जिसके तहत पेपर परीक्षा केंद्र पर महज एक घंटे पहले पहुंचाया जाएगा और इसकी छपाई केंद्र पर ही प्रयवेक्षक के सामने की जाएगी।
फिलहाल की व्यवस्था के अनुसार प्रश्नपत्र बैंक लॉकर में रखे जाते हैं और परीक्षा के कुछ देर पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाए जाते हैं। पेपर लीक होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कल पेपर लीक होने की खबर सोशल मीडिया पर आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी असंतोष व्यक्त किया था और मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की बात भी कही थी।
बता दें कि सीबीएसई ने 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया है। देशभर में होने वाली इस बोर्ड परीक्षा के खिलाफ दिल्ली में कुछ शिकायतें दर्ज हुईं थीं। सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की खबर के बाद बोर्ड ने परीक्षा फिर से कराए जाने का फैसला लिया है।
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत परीक्षाओं को सुरक्षित कराए जाने के नियम पर जोर दिया है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सीबीएसई के लीक पेपर्स मामले में जांच चल रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हमने यह भी तय किया है कि जब प्रश्नपत्र वितरित किए जाते हैं, तब उस समय के लिए भी सुरक्षा मजबूत की जाए।